विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन
विशाल भारतीय लोकतंत्र में विकेंद्रीकरण और स्थानीय शासन की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब देश की जनसंख्या और भौगोलिक विविधता इतनी अधिक हो, तो केवल केंद्र और राज्य स्तरीय सरकारें हर नागरिक तक न्याय और विकास नहीं पहुँचा सकतीं। इसीलिए 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधनों द्वारा स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा दिया गया, … Read more