अध्याय 3: भूमंडलीकृत विश्व का बनना – सम्पूर्ण व्याख्या

कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस शानदार कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आज हम इतिहास का एक बहुत ही रोचक और नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं—‘भूमंडलीकृत विश्व का बनना’। जब हम आज ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) की बात करते हैं, तो हमें लगता है कि यह पिछले 50 सालों की ही बात है। लेकिन … Read more

भाग 5: सामूहिक अपनेपन का भाव और भारत माता की छवि

कक्षा 10 इतिहास के अध्याय ‘भारत में राष्ट्रवाद’ के इस अंतिम भाग में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अब तक हमने देखा कि महात्मा गांधी और अन्य नेताओं ने अंग्रेजों के खिलाफ कैसे बड़े-बड़े आंदोलन चलाए। लेकिन किसी भी देश की आज़ादी केवल राजनीतिक आंदोलनों से नहीं मिलती। जब तक अलग-अलग धर्मों, जातियों और भाषाओं के … Read more

भाग 4: सविनय अवज्ञा की सीमाएँ और पूना पैक्ट

कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा के जरिए कैसे सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी। लेकिन क्या भारत के सभी सामाजिक समूहों ने इस आंदोलन में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया? सच्चाई यह है कि … Read more

भाग 3: सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर और नमक यात्रा

कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि चौरी-चौरा की हिंसक घटना के कारण गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को अचानक रोक दिया था। आंदोलन रुकने के बाद देश में थोड़ी निराशा छा गई थी। कुछ नेता चुनाव लड़कर अंग्रेजी परिषदों में जाना चाहते थे, … Read more

भाग 2: असहयोग आंदोलन: शहरों से लेकर गाँवों तक विद्रोह

पिछले भाग में हमने जाना था कि कैसे जलियाँवाला बाग हत्याकांड और रॉलट एक्ट ने पूरे देश में अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ गुस्सा भर दिया था। गांधीजी को लगने लगा था कि अब भारत में एक बहुत बड़ा और व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करने का समय आ गया है। लेकिन कोई भी बड़ा आंदोलन तब तक … Read more

भाग 1: प्रथम विश्व युद्ध, सत्याग्रह का विचार और रॉलट एक्ट

कक्षा 10 इतिहास के अध्याय ‘भारत में राष्ट्रवाद’ के पहले भाग में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले अध्याय में हमने यूरोप में राष्ट्रवाद के बारे में पढ़ा था। अब हम जानेंगे कि हमारे अपने देश भारत में आज़ादी और राष्ट्रवाद की लहर कैसे उठी। अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के दौरान भारत के लोग आपसी एकता … Read more

अध्याय 2: भारत में राष्ट्रवाद – सम्पूर्ण व्याख्या

कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले अध्याय में हमने ‘यूरोप में राष्ट्रवाद’ के बारे में पढ़ा था। अब समय आ गया है कि हम अपने देश, यानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा को समझें। अंग्रेजों की गुलामी और उनके अत्याचारों ने भारत के अलग-अलग धर्मों, जातियों … Read more

भाग 6: राष्ट्र की दृश्य-कल्पना और साम्राज्यवाद | U.P Board History Class X

पिछले भागों में हमने देखा कि कैसे क्रांतियों और युद्धों के जरिए जर्मनी और इटली जैसे नए राष्ट्रों का निर्माण हुआ। लेकिन ज़रा सोचिए, किसी राजा का चित्र बनाना तो आसान है, पर एक ‘राष्ट्र’ (देश) का चेहरा कैसा होता है? लोगों के दिलों में अपने देश के प्रति एक चेहरा या छवि बसाने के … Read more

भाग 5: जर्मनी और इटली का एकीकरण कैसे हुआ?

पिछले भाग में हमने 1830 से 1848 के बीच की क्रांतियों और रूमानीवाद के बारे में पढ़ा था, जहाँ आम लोगों ने आज़ादी और राष्ट्र-निर्माण के लिए आवाज़ उठाई थी। लेकिन क्या यह आम जनता और मध्यवर्ग का प्रयास सफल हो पाया? 1848 के बाद यूरोप में एक बड़ा बदलाव आया। अब राष्ट्रवाद का इस्तेमाल … Read more

भाग 4: क्रांतियों का युग (1830-1848) और रूमानी कल्पना

पिछले भाग में हमने जाना था कि 1815 के बाद यूरोप के राजाओं ने रूढ़िवाद की वापसी की और क्रांतिकारियों पर जुल्म ढाए। लेकिन आज़ादी की वह आग बुझी नहीं थी! जैसे-जैसे रूढ़िवादी व्यवस्थाओं ने अपनी ताकत मज़बूत करने की कोशिश की, वैसे-वैसे उदारवाद और राष्ट्रवाद ने भी ज़ोर पकड़ा। 1830 से 1848 के बीच … Read more

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