शासन के तीन प्रमुख अंगों- विधायिका, कार्यपालिका, और न्यायपालिका के बीच शक्तियों का बंटवारा क्षैतिज सत्ता वितरण कहलाता है। यह व्यवस्था लोकतंत्र की रीढ़ है जो नियंत्रण और संतुलन के सिद्धांत पर आधारित है, जिससे सत्ता का दुरुपयोग रोका जा सके। कल्पना कीजिए, एक स्कूल में प्रधानाचार्य, शिक्षक और अनुशासन समिति होती है। प्रधानाचार्य नियम […]
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