लोकतंत्र में राजनीतिक दल सबसे अधिक दिखने वाली संस्था हैं। जब भी लोकतंत्र में कोई गड़बड़ी होती है, लोग उसके लिए राजनीतिक दलों को ही दोषी मानते हैं। जनता की नाराजगी दलों के कामकाज के चार पहलुओं पर केंद्रित है: आंतरिक लोकतंत्र का अभाव, वंशवादी राजनीति, धन और अपराधी तत्वों की घुसपैठ, और विकल्पहीनता। इस […]
Read MoreTag: राजनीतिक दल
दलीय व्यवस्थाएँ: एकदलीय, द्विदलीय, बहुदलीय और गठबंधन
दलीय व्यवस्था किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ होती है। यह तय करती है कि देश में कितने राजनीतिक दल चुनाव लड़ सकते हैं और सत्ता तक कैसे पहुँच सकते हैं। एकदलीय, द्विदलीय, बहुदलीय और गठबंधन – इन चार प्रकारों को समझना बेहद जरूरी है। भारत में चुनाव आयोग में 750 से अधिक दल पंजीकृत हैं, […]
Read Moreराजनीतिक दल: अर्थ, आवश्यकता और कार्य
राजनीतिक दल लोकतंत्र की रीढ़ हैं। राजनीतिक दल का अर्थ, आवश्यकता और कार्य कक्षा 10 के नागरिक शास्त्र का महत्वपूर्ण उपपाठ है। यह बताता है कि दल क्या होते हैं, क्यों जरूरी हैं, और ये समाज में क्या भूमिका निभाते हैं। आइए इसे सरल उदाहरणों से समझते हैं। चलिए, सबसे पहले इस टॉपिक पर एक […]
Read Moreराजनीतिक दल Class 10 Political Science: पूरी जानकारी, चुनौतियाँ और सुधार | UP Board
इस अध्याय में हम राजनीतिक दलों की ज़रूरत, कार्य, दलीय व्यवस्था के प्रकार, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों की पहचान, उनसे जुड़ी चुनौतियाँ और सुधार के उपायों को आसान भाषा में समझेंगे। यूपी बोर्ड कक्षा 10 की राजनीति विज्ञान की किताब ‘लोकतांत्रिक राजनीति’ का यह टॉपिक परीक्षा के लिए बेहद ज़रूरी है। यहाँ से अक्सर सवाल […]
Read Moreराजनीतिक दलों और दबाव समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी
राजनीतिक दलों और दबाव समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र का एक अनिवार्य पहलू है। इस अध्याय में हम जानेंगे कि जब कोई एक दल बहुमत प्राप्त नहीं कर पाता, तब गठबंधन सरकारें कैसे सत्ता का बंटवारा करती हैं। साथ ही, यह भी देखेंगे कि दबाव समूह और आंदोलनकारी संगठन बिना चुनाव लड़े सरकार […]
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