भाग 1: पारितंत्र क्या है और इसके मुख्य घटक कौन से हैं?- Class 10 Science

हम अपने आस-पास पेड़-पौधे, जानवर, हवा, मिट्टी और पानी देखते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि ये सभी चीजें एक-दूसरे के साथ कैसे जुड़ी हुई हैं?

इस प्रकृति में कोई भी जीव अकेला नहीं रह सकता। सजीव और निर्जीव चीजें आपस में मिलकर एक बहुत ही सुंदर और संतुलित सिस्टम बनाती हैं। आज के इस भाग में हम जानेंगे कि यह सिस्टम (पारितंत्र) क्या होता है, यह कितने प्रकार का होता है और इसमें उत्पादक, उपभोक्ता तथा अपघटक कौन-कौन सी भूमिका निभाते हैं!

पारितंत्र क्या होता है?

किसी क्षेत्र के सभी जीव (सजीव) तथा वातावरण के अजैव (निर्जीव) कारक संयुक्त रूप से मिलकर जो तंत्र बनाते हैं, उसे पारितंत्र कहते हैं। एक पारितंत्र में सजीव और निर्जीव चीजें परस्पर अन्योन्यक्रिया (Interaction) करती हैं और प्रकृति में संतुलन बनाए रखती हैं

पारितंत्र के मुख्य घटक कौन से हैं?

एक पारितंत्र मुख्य रूप से दो प्रकार के घटकों से मिलकर बना होता है:

  • जैव घटक: पारितंत्र के सभी सजीव प्राणी, जैसे- पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव और मानव, जैव घटक कहलाते हैं।
  • अजैव घटक: पर्यावरण के सभी भौतिक (निर्जीव) कारक, जैसे- ताप, वर्षा, वायु, मृदा (मिट्टी) एवं खनिज, अजैव घटक कहलाते हैं।

प्राकृतिक और मानव निर्मित पारितंत्र में क्या अंतर है?

पारितंत्र को उसकी उत्पत्ति के आधार पर दो भागों में बाँटा जा सकता है:

  1. प्राकृतिक पारितंत्र: जो पारितंत्र प्रकृति में अपने आप बनते हैं, प्राकृतिक पारितंत्र कहलाते हैं। उदाहरण: वन, तालाब तथा झील।
  2. कृत्रिम पारितंत्र: जो पारितंत्र इंसानों द्वारा बनाए जाते हैं, उन्हें मानव-निर्मित (कृत्रिम) पारितंत्र कहते हैं। उदाहरण: बगीचा, खेत और जल जीवशाला (Aquarium)।

उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक कौन होते हैं?

जीवन निर्वाह के आधार पर पारितंत्र के जीवों को तीन मुख्य वर्गों में बाँटा गया है:

  • उत्पादक: वे सभी हरे पौधे और नील-हरित शैवाल, जो सूर्य के प्रकाश में अपना भोजन स्वयं बना सकते हैं, उत्पादक कहलाते हैं।
  • उपभोक्ता: वे जीव जो भोजन के लिए उत्पादकों पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर करते हैं, उपभोक्ता कहलाते हैं। इन्हें शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी और परजीवी में बाँटा गया है।
  • अपघटक (अपमार्जक): जीवाणु और कवक जैसे सूक्ष्मजीव, जो मरे हुए जीवों और पौधों के अवशेषों को सड़ाकर मिट्टी में मिला देते हैं, अपघटक कहलाते हैं।

अपमार्जकों की पर्यावरण में क्या भूमिका है?

अपमार्जक (सूक्ष्मजीव) हमारे पर्यावरण के ‘सफाई कर्मचारी’ हैं। ये जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं। ये सरल पदार्थ वापस मिट्टी में चले जाते हैं और पौधों द्वारा फिर से उपयोग में लाए जाते हैं। यदि अपमार्जक न हों, तो मरे हुए जंतुओं और पौधों का कचरा हर जगह फैल जाएगा और मृदा की प्राकृतिक पुनःपूर्ति नहीं हो पाएगी!

👨‍🏫 शिक्षक की सलाह: बच्चों, बोर्ड परीक्षा में “प्राकृतिक और कृत्रिम पारितंत्र के उदाहरण” तथा “अपघटकों का महत्व” बहुत बार पूछा जाता है। इसे अच्छे से याद कर लें!

अब खेलें: पारितंत्र और इसके घटक क्विज़

अब नीचे दिए गए ‘Start Quiz’ बटन पर क्लिक करें और उत्पादक, उपभोक्ता तथा अजैव घटकों पर आधारित इन 20 महत्वपूर्ण विज्ञान प्रश्नों का अभ्यास करें!

Slow
महत्वपूर्ण विज्ञान परिभाषाएँ और व्याख्या

Total Slides: 7

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 5 / 5 (1 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon पारितंत्र और इसके घटक (Class 10 Science Quiz)

Total Questions: 20 | Total Marks: 28

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय 13 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:

मुख्य विषय पृष्ठ:

Share this:

Leave a Comment

×
Science
All Subjects

Available Courses

ASK