पिछले भाग में हमने जाना था कि हर चालक (तार) में बिजली को रोकने का एक गुण होता है, जिसे ‘प्रतिरोध’ कहते हैं। हमारे घरों में टीवी, पंखा, फ्रिज जैसे कई उपकरण एक साथ चलते हैं। इन सभी उपकरणों का अपना-अपना प्रतिरोध होता है। जब हमें परिपथ में बिजली की मात्रा को कम या ज्यादा […]
Read Moreभाग 2: ओम का नियम और प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
विज्ञान की हमारी आज की कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि तारों में बिजली (विद्युत धारा) कैसे बहती है और उसे धकेलने के लिए विभवांतर (दबाव) की जरूरत होती है[cite: 4]。 लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर हम बैटरी की ताकत (विभवांतर) बढ़ा दें, तो क्या बिजली […]
Read Moreभाग 1: विद्युत धारा और परिपथ क्या हैं?-UP Board Class X Science
आधुनिक समाज में ‘विद्युत’ (Electricity) का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। हमारे घरों, स्कूलों और कारखानों में लगभग हर मशीन बिजली से ही चलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम स्विच दबाते हैं तो तारों के अंदर ऐसा क्या दौड़ता है जिससे पंखा चलने लगता है और बल्ब जल जाता है? आज […]
Read Moreअध्याय 11: विद्युत – सम्पूर्ण व्याख्या
नमस्कार विद्यार्थियों! विज्ञान की हमारी आज की कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। जरा सोचिए, अगर एक दिन के लिए आपके घर, स्कूल और पूरे शहर की बिजली कट जाए तो क्या होगा? टीवी, मोबाइल, पंखा, फ्रिज—सब कुछ बंद हो जाएगा और हमारी जिंदगी एकदम ठहर जाएगी! आधुनिक समाज में ‘विद्युत’ (Electricity) का सबसे महत्वपूर्ण […]
Read Moreभाग 4: वायुमंडलीय अपवर्तन और प्रकाश का प्रकीर्णन क्या है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि प्रिज्म सफेद प्रकाश को सात रंगों में कैसे बाँट देता है। लेकिन हमारी प्रकृति में बिना किसी काँच के भी प्रकाश के बहुत से अद्भुत चमत्कार रोज़ होते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि रात में तारे क्यों टिमटिमाते हैं? आसमान का रंग नीला क्यों है? या […]
Read Moreभाग 3: प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन और विक्षेपण कैसे होता है?
विज्ञान की हमारी आज की कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले भाग में हमने अपनी आँखों और उनके दोषों के बारे में जाना था। अब हम इस प्रकृति की कुछ सबसे खूबसूरत और जादुई घटनाओं के बारे में बात करेंगे। क्या आपने कभी सोचा है कि सूर्य का प्रकाश तो सफेद होता है, फिर […]
Read Moreभाग 2: दृष्टि दोष क्या हैं और उनका संशोधन कैसे किया जाता है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि हमारी आँखें पास और दूर की चीजों को फोकस करने के लिए अपने लेंस को मोटा या पतला कर लेती हैं (समंजन क्षमता)। लेकिन क्या होता है जब हमारी आँख की माँसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं और लेंस ठीक से काम नहीं कर पाता? तब हमें चीजें धुंधली […]
Read Moreभाग 1: मानव नेत्र की संरचना और समंजन क्षमता कैसे कार्य करती है?
हम अपने आस-पास की दुनिया को कैसे देखते हैं? यह सब हमारी आँखों के कारण संभव है। मानव नेत्र (आँख) प्रकृति का दिया हुआ एक बहुत ही अनमोल और अद्भुत उपहार है। यह बिल्कुल एक कैमरे की तरह काम करता है, जो प्रकाश का उपयोग करके दुनिया की रंग-बिरंगी तस्वीरें हमारे दिमाग तक पहुँचाता है। […]
Read Moreअध्याय 10: मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार – सम्पूर्ण व्याख्या
पिछले अध्याय में हमने पढ़ा था कि लेंस कैसे प्रकाश को मोड़कर चीजों को बड़ा या छोटा दिखाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे शरीर में भी एक ऐसा ही जादुई लेंस लगा है, जो हमें यह पूरी खूबसूरत दुनिया दिखाता है? जी हाँ, वह है हमारा ‘मानव नेत्र’ (आँख)! इस अध्याय […]
Read Moreभाग 6: लेंस सूत्र क्या है और लेंस की क्षमता कैसे मापी जाती है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि उत्तल और अवतल लेंस वस्तुओं का प्रतिबिंब कैसे बनाते हैं। लेकिन अगर हमें यह पता लगाना हो कि किसी विशेष चश्मे का नंबर (Power) क्या है, या परछाई ठीक कितने सेंटीमीटर दूर बनेगी, तो हमें गणितीय सूत्रों का सहारा लेना पड़ता है। अध्याय 9 के इस अंतिम भाग […]
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