पिछले भाग में हमने जाना था कि जब प्रकाश हवा से काँच या पानी में जाता है, तो वह अपने रास्ते से थोड़ा मुड़ जाता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं। अब जरा सोचिए, अगर हम काँच के एक टुकड़े को एक खास गोलाई में काट लें, तो क्या हम प्रकाश को अपनी मर्जी से मोड़ […]
Read Moreभाग 4: प्रकाश का अपवर्तन क्या है और अपवर्तनांक कैसे कार्य करता है?
पिछले भागों में हमने देखा कि दर्पण प्रकाश को टकराकर वापस भेज देते हैं। लेकिन, क्या होता है जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम पर पड़ता है जिसके आर-पार देखा जा सके (जैसे काँच या पानी)? क्या आपने कभी गौर किया है कि पानी से भरे गिलास में रखा नींबू अपने असली आकार से बड़ा क्यों […]
Read Moreभाग 3: दर्पण सूत्र क्या है और आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं? (Class 10 Science)
पिछले भाग में हमने किरण आरेख बनाकर यह देखा था कि दर्पण के सामने वस्तु को कहाँ रखने पर उसकी परछाई (प्रतिबिंब) कहाँ बनती है। लेकिन, अगर हमें बिल्कुल सटीक (Exact) दूरी नापनी हो, तो हम क्या करेंगे? उदाहरण के लिए, अगर हम वस्तु को 15 सेंटीमीटर दूर रखें, तो प्रतिबिंब ठीक कितने सेंटीमीटर दूर […]
Read Moreभाग 2: गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
पिछले भाग में हमने जाना था कि अवतल दर्पण (अंदर की ओर धंसा हुआ) और उत्तल दर्पण (बाहर की ओर उभरा हुआ) क्या होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी चमकदार चम्मच को अपने चेहरे के पास लाते हैं तो चेहरा सीधा और बड़ा दिखता है, लेकिन जब उसे दूर […]
Read Moreभाग 1: प्रकाश का परावर्तन और गोलीय दर्पण की कार्यप्रणाली
जब हम किसी अँधेरे कमरे में जाते हैं, तो हमें कुछ भी दिखाई नहीं देता। लेकिन जैसे ही हम बल्ब चालू करते हैं, कमरे की सारी चीजें साफ दिखने लगती हैं। ऐसा क्यों होता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बल्ब से निकलने वाला प्रकाश जब चीजों से टकराकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, तभी […]
Read Moreअध्याय 9: प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन – सम्पूर्ण व्याख्या
विज्ञान की हमारी इस रोमांचक यात्रा के नौवें अध्याय में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अब हम जीव विज्ञान की दुनिया से निकलकर ‘भौतिक विज्ञान’ (Physics) की जादुई दुनिया में कदम रख रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि हम अंधेरे कमरे में कुछ भी क्यों नहीं देख पाते? या पानी में डूबी हुई पेंसिल […]
Read Moreभाग 4: लक्षण खुद को कैसे व्यक्त करते हैं और लिंग निर्धारण कैसे होता है?
पिछले भागों में हमने मेंडल के नियमों के बारे में पढ़ा और जाना कि माता-पिता के गुण बच्चों में जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक ‘जीन’ (Gene) आखिर ऐसा क्या करता है कि पौधे की लंबाई बढ़ जाती है या हमारी आँखों का रंग काला हो जाता है? और सबसे बड़ा […]
Read Moreभाग 3: लक्षणों की वंशागति में मेंडल का क्या योगदान है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि माता-पिता के गुण उनके बच्चों में जाते हैं, जिसे आनुवंशिकता कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पिता के बाल घुंघराले हैं और माता के बाल सीधे हैं, तो बच्चे के बाल कैसे होंगे? क्या दोनों के गुण आपस में मिलकर ‘हल्के घुंघराले’ बाल बन […]
Read Moreभाग 2: आनुवंशिकता क्या है और वंशागत लक्षण कैसे कार्य करते हैं?
पिछले भाग में हमने पढ़ा था कि जनन के दौरान माता-पिता से बच्चों में कुछ बदलाव आते हैं, जिन्हें विभिन्नता कहते हैं। लेकिन अगर विभिन्नताएं आती हैं, तो फिर एक कुत्ते का बच्चा हमेशा कुत्ता ही क्यों पैदा होता है, बिल्ली क्यों नहीं? इसका कारण यह है कि विभिन्नताएं बहुत ही मामूली (थोड़ी सी) होती […]
Read Moreभाग 1: जनन के दौरान विभिन्नताओं का संचयन और उनका महत्व क्या है?
हमने पिछले अध्याय में पढ़ा था कि जनन की प्रक्रिया द्वारा जीव अपने जैसी नई संतान पैदा करते हैं। लेकिन क्या माता-पिता और उनके बच्चे बिल्कुल 100% एक जैसे (कार्बन कॉपी) होते हैं? नहीं! उनमें हमेशा कुछ न कुछ अंतर जरूर होता है। विज्ञान की भाषा में इन प्राकृतिक अंतरों को ‘विभिन्नता’ कहा जाता है। […]
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