पिछले भाग में हमने जाना था कि प्रिज्म सफेद प्रकाश को सात रंगों में कैसे बाँट देता है। लेकिन हमारी प्रकृति में बिना किसी काँच के भी प्रकाश के बहुत से अद्भुत चमत्कार रोज़ होते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि रात में तारे क्यों टिमटिमाते हैं? आसमान का रंग नीला क्यों है? या […]
Read Moreभाग 3: प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन और विक्षेपण कैसे होता है?
विज्ञान की हमारी आज की कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले भाग में हमने अपनी आँखों और उनके दोषों के बारे में जाना था। अब हम इस प्रकृति की कुछ सबसे खूबसूरत और जादुई घटनाओं के बारे में बात करेंगे। क्या आपने कभी सोचा है कि सूर्य का प्रकाश तो सफेद होता है, फिर […]
Read Moreभाग 2: दृष्टि दोष क्या हैं और उनका संशोधन कैसे किया जाता है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि हमारी आँखें पास और दूर की चीजों को फोकस करने के लिए अपने लेंस को मोटा या पतला कर लेती हैं (समंजन क्षमता)। लेकिन क्या होता है जब हमारी आँख की माँसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं और लेंस ठीक से काम नहीं कर पाता? तब हमें चीजें धुंधली […]
Read Moreभाग 1: मानव नेत्र की संरचना और समंजन क्षमता कैसे कार्य करती है?
हम अपने आस-पास की दुनिया को कैसे देखते हैं? यह सब हमारी आँखों के कारण संभव है। मानव नेत्र (आँख) प्रकृति का दिया हुआ एक बहुत ही अनमोल और अद्भुत उपहार है। यह बिल्कुल एक कैमरे की तरह काम करता है, जो प्रकाश का उपयोग करके दुनिया की रंग-बिरंगी तस्वीरें हमारे दिमाग तक पहुँचाता है। […]
Read Moreअध्याय 10: मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार – सम्पूर्ण व्याख्या
पिछले अध्याय में हमने पढ़ा था कि लेंस कैसे प्रकाश को मोड़कर चीजों को बड़ा या छोटा दिखाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे शरीर में भी एक ऐसा ही जादुई लेंस लगा है, जो हमें यह पूरी खूबसूरत दुनिया दिखाता है? जी हाँ, वह है हमारा ‘मानव नेत्र’ (आँख)! इस अध्याय […]
Read Moreभाग 6: लेंस सूत्र क्या है और लेंस की क्षमता कैसे मापी जाती है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि उत्तल और अवतल लेंस वस्तुओं का प्रतिबिंब कैसे बनाते हैं। लेकिन अगर हमें यह पता लगाना हो कि किसी विशेष चश्मे का नंबर (Power) क्या है, या परछाई ठीक कितने सेंटीमीटर दूर बनेगी, तो हमें गणितीय सूत्रों का सहारा लेना पड़ता है। अध्याय 9 के इस अंतिम भाग […]
Read Moreभाग 5: गोलीय लेंस क्या हैं और उनके द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
पिछले भाग में हमने जाना था कि जब प्रकाश हवा से काँच या पानी में जाता है, तो वह अपने रास्ते से थोड़ा मुड़ जाता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं। अब जरा सोचिए, अगर हम काँच के एक टुकड़े को एक खास गोलाई में काट लें, तो क्या हम प्रकाश को अपनी मर्जी से मोड़ […]
Read Moreभाग 4: प्रकाश का अपवर्तन क्या है और अपवर्तनांक कैसे कार्य करता है?
पिछले भागों में हमने देखा कि दर्पण प्रकाश को टकराकर वापस भेज देते हैं। लेकिन, क्या होता है जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम पर पड़ता है जिसके आर-पार देखा जा सके (जैसे काँच या पानी)? क्या आपने कभी गौर किया है कि पानी से भरे गिलास में रखा नींबू अपने असली आकार से बड़ा क्यों […]
Read Moreभाग 3: दर्पण सूत्र क्या है और आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं? (Class 10 Science)
पिछले भाग में हमने किरण आरेख बनाकर यह देखा था कि दर्पण के सामने वस्तु को कहाँ रखने पर उसकी परछाई (प्रतिबिंब) कहाँ बनती है। लेकिन, अगर हमें बिल्कुल सटीक (Exact) दूरी नापनी हो, तो हम क्या करेंगे? उदाहरण के लिए, अगर हम वस्तु को 15 सेंटीमीटर दूर रखें, तो प्रतिबिंब ठीक कितने सेंटीमीटर दूर […]
Read Moreभाग 2: गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
पिछले भाग में हमने जाना था कि अवतल दर्पण (अंदर की ओर धंसा हुआ) और उत्तल दर्पण (बाहर की ओर उभरा हुआ) क्या होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी चमकदार चम्मच को अपने चेहरे के पास लाते हैं तो चेहरा सीधा और बड़ा दिखता है, लेकिन जब उसे दूर […]
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