भाग 6: जंतुओं में रासायनिक समन्वय और अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्य
पिछले भागों में हमने देखा कि हमारा मस्तिष्क और नसों का जाल (तंत्रिका तंत्र) बिजली के करंट (विद्युत आवेग) की तरह काम करता है। लेकिन इस करंट की एक सीमा होती है—यह शरीर की हर एक कोशिका तक नहीं पहुँच सकता और यह बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। तो फिर हमारे शरीर की हर … Read more