भाग 5: पादपों में रासायनिक समन्वय और हॉर्मोन के कार्य

पिछले भाग में हमने पढ़ा था कि सूरजमुखी का पौधा सूरज की रोशनी की तरफ मुड़ जाता है और जड़ें हमेशा जमीन की तरफ बढ़ती हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पौधों के पास दिमाग या नसें नहीं होतीं, तो वे यह तय कैसे करते हैं कि उन्हें किस दिशा में और कितना बढ़ना है?

जिस तरह हमारे शरीर में काम करने के लिए खून में कुछ विशेष रसायन (Chemicals) दौड़ते हैं, बिल्कुल उसी तरह पौधों के अंदर भी कुछ जादुई रसायन पाए जाते हैं। आज के इस भाग में हम जानेंगे कि ये रसायन (पादप हॉर्मोन) कैसे पौधों की लंबाई बढ़ाते हैं, बीजों को अंकुरित करते हैं और समय आने पर पत्तियों को कैसे गिरा देते हैं।

पादपों में रासायनिक समन्वय कैसे होता है?

पौधे अपने पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया देने और अपने शरीर के विकास को सही दिशा में ले जाने के लिए कुछ विशेष रसायनों का निर्माण करते हैं। इन रसायनों को पादप हॉर्मोन कहा जाता है। ये हॉर्मोन पौधे के एक हिस्से (जहाँ इनकी जरूरत होती है) में बनते हैं और बहुत ही आसानी से विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा पौधे के दूसरे हिस्सों तक पहुँच जाते हैं।

पौधों की वृद्धि बढ़ाने वाले प्रमुख हॉर्मोन कौन से हैं?

पौधों को लंबा करने, मोटा करने और नई पत्तियां निकालने के लिए मुख्य रूप से तीन हॉर्मोन काम करते हैं:

ऑक्सिन: यह पौधों को प्रकाश की ओर कैसे मोड़ता है?

ऑक्सिन हॉर्मोन पौधे के तने के सबसे ऊपरी हिस्से (शिखर) पर बनता है। इसका मुख्य काम कोशिकाओं की लंबाई बढ़ाना है। जब पौधे पर एक तरफ से सूरज की रोशनी पड़ती है, तो ऑक्सिन उस तरफ से हटकर तने के ‘छाया वाले हिस्से’ (जहाँ धूप नहीं है) में इकट्ठा हो जाता है। इसके कारण छाया वाले हिस्से की कोशिकाएं तेजी से लंबी होने लगती हैं, जिससे पौधा अपने-आप प्रकाश की तरफ मुड़ जाता है।

जिबरेलिन: तने को मजबूत और लंबा कैसे बनाता है?

जिबरेलिन भी ऑक्सिन की तरह ही एक वृद्धि हॉर्मोन है। इसका मुख्य काम पौधे के तने (Stem) की वृद्धि में सहायता करना है। यह बीजों के अंकुरण (बीज से नया पौधा निकलने) और फलों के आकार को बड़ा करने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन में इसकी क्या भूमिका है?

पौधे के जिन हिस्सों में बहुत तेजी से विकास होता है (जैसे ताजे फल और बीज), वहाँ साइटोकाइनिन हॉर्मोन भारी मात्रा में पाया जाता है। इसका मुख्य काम पुरानी कोशिकाओं को तोड़कर नई कोशिकाएं बनाना (कोशिका विभाजन) है, ताकि पौधे के अंग जल्दी-जल्दी बड़े हो सकें।

पौधों की वृद्धि को रोकने वाले हॉर्मोन की आवश्यकता क्यों है?

अगर पौधे में सिर्फ वृद्धि करने वाले हॉर्मोन होंगे, तो पौधा बिना रुके बढ़ता ही जाएगा, जो उसके लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए पौधे को अपनी वृद्धि रोकने के लिए भी एक हॉर्मोन की जरूरत होती है।

एब्सिसिक अम्ल: यह एक ऐसा हॉर्मोन है जो पौधे की वृद्धि को धीमा कर देता है या रोक देता है। जब पौधे पर कोई तनाव आता है (जैसे पानी की कमी), तो यह हॉर्मोन रंध्रों को बंद कर देता है। पतझड़ के मौसम में पत्तियों का मुरझाना और टूटकर गिरना इसी एब्सिसिक अम्ल के कारण होता है।

अब खेलें: पादप हॉर्मोन विज्ञान क्विज़

अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और पौधों में पाए जाने वाले इन जादुई रसायनों पर आधारित 20 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें!

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