पिछले भाग में हमने ‘प्रतिवर्ती क्रिया’ के बारे में पढ़ा था, जहाँ शरीर बिना सोचे-समझे तुरंत फैसले लेता है (जैसे गर्म तवे से हाथ हटाना)। लेकिन, क्या हमारे शरीर का हर काम बिना सोचे होता है? बिल्कुल नहीं! जब आप एक कुर्सी घुमाते हैं, कोई किताब पढ़ते हैं या गणित का सवाल हल करते हैं, तो आप बहुत गहराई से सोचते हैं।
हमारे शरीर में सोचने, समझने और फैसले लेने का यह जटिल काम एक ‘सुपरकंप्यूटर’ करता है—हमारा मस्तिष्क (Brain)। आइए जानते हैं कि हमारा मस्तिष्क कैसे काम करता है, यह किन हिस्सों से मिलकर बना है और यह हमारे शरीर को कैसे सुरक्षित रखता है।
केंद्रीय और परिधीय तंत्रिका तंत्र
हमारे शरीर का पूरा कंट्रोल सिस्टम मुख्य रूप से दो भागों में बँटा हुआ है:
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS): इसमें हमारा मस्तिष्क और मेरुरज्जु (Spinal Cord) आते हैं। ये शरीर के सभी अंगों से सूचनाएं प्राप्त करते हैं और उन पर विचार करके फैसला लेते हैं।
- परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS): यह मस्तिष्क और मेरुरज्जु से निकलने वाले तारों (नसों) का जाल है जो पूरे शरीर में फैला होता है। यह CNS के फैसलों को शरीर के अंगों (मांसपेशियों) तक पहुँचाता है।
मानव मस्तिष्क की संरचना और कार्य (Human Brain)
मस्तिष्क हमारे शरीर का मुख्य समन्वय (Coordination) केंद्र है। इसके कार्य को आसानी से बाँटने के लिए, इसे मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया गया है:
1. अग्रमस्तिष्क
यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा और मुख्य सोचने वाला भाग है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- यह हमारे देखने, सुनने, सूँघने और याद रखने (Memory) का केंद्र है।
- यह हमारी सभी ऐच्छिक क्रियाओं (अपनी मर्जी से किए जाने वाले काम जैसे चलना, लिखना) को कंट्रोल करता है।
- जब हम खाना खाते हैं, तो हमारा पेट भर गया है, इसका अहसास भी हमें अग्रमस्तिष्क में मौजूद ‘भूख के केंद्र’ द्वारा ही होता है।
2. मध्यमस्तिष्क (
यह मस्तिष्क के बीच का हिस्सा है। यह मुख्य रूप से हमारे शरीर की कुछ अनैच्छिक क्रियाओं (जिन पर हमारा कंट्रोल नहीं होता) और आँखों की पुतलियों के आकार में होने वाले बदलावों को नियंत्रित करता है।
3. पश्चमस्तिष्क
यह मस्तिष्क का पिछला हिस्सा है। यह बहुत सी महत्वपूर्ण अनैच्छिक क्रियाओं को संभालता है। इसके दो बहुत ही खास भाग हैं:
- मेडुला (Medulla): यह हमारे शरीर के बहुत ही जरूरी लेकिन अनैच्छिक कामों को कंट्रोल करता है, जैसे—दिल का धड़कना, रक्तदाब (Blood Pressure), लार आना और उल्टी (Vomiting) आना।
- अनुमस्तिष्क (Cerebellum): जब आप एक सीधी लाइन में चलते हैं, साइकिल चलाते हैं या फर्श से एक पेंसिल उठाते हैं, तो आपके शरीर का संतुलन (Balance) बिल्कुल सटीक होना चाहिए। शरीर का संतुलन बनाने और ऐच्छिक क्रियाओं में सटीकता (Precision) लाने का काम ‘अनुमस्तिष्क’ ही करता है।
मस्तिष्क और मेरुरज्जु की सुरक्षा कैसे होती है?
मस्तिष्क एक बहुत ही नाजुक अंग है। अगर इसमें हल्की सी भी चोट लग जाए, तो इंसान की जान जा सकती है या वह कोमा में जा सकता है। इसलिए प्रकृति ने इसकी सुरक्षा का बहुत ही शानदार इंतजाम किया है:
- कपाल (Cranium): मस्तिष्क हड्डियों से बने एक बहुत ही मजबूत बॉक्स के अंदर सुरक्षित रहता है, जिसे खोपड़ी या कपाल कहते हैं।
- तरलपूरित गुब्बारा (Cerebrospinal Fluid): इस बॉक्स और मस्तिष्क के बीच एक खास तरह का तरल पदार्थ भरा होता है। यह तरल पदार्थ मस्तिष्क को झटकों (Shocks) से बचाता है।
- रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column): इसी तरह, हमारे शरीर की मेरुरज्जु (Spinal Cord) हमारी पीठ में मौजूद हड्डियों के कठोर ढांचे (रीढ़ की हड्डी) के अंदर सुरक्षित रहती है।
अब खेलें: मानव मस्तिष्क क्विज़
अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और मानव मस्तिष्क के भागों और उनके कार्यों पर आधारित इस विज्ञान क्विज़ को खेलें!
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अध्याय 6 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: जंतु तंत्रिका तंत्र और तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन)
- भाग 2: प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) और प्रतिवर्ती चाप
- You are Reading Here: मानव मस्तिष्क की संरचना और इसके प्रमुख कार्य
- भाग 4: पादपों में समन्वय: पौधों की गतियां और अनुवर्तन
- भाग 5: पादप हॉर्मोन (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन)
- भाग 6: जंतुओं में हॉर्मोन और अंतःस्रावी ग्रंथियां