भाग 4: महायुद्धों के बीच अर्थव्यवस्था – महामंदी और उसका प्रभाव

कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस कक्षा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने भारत से विदेश गए अनुबंधित श्रमिकों (गिरमिटिया मज़दूरों) की दर्दनाक कहानी और वैश्विक व्यापार के बारे में पढ़ा था।

आज हम बीसवीं सदी के उस दौर में चलेंगे जब दुनिया ने पहला विश्व युद्ध (1914-1918) देखा। यह युद्ध केवल मैदानों में नहीं लड़ा गया, बल्कि इसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। इसके बाद दुनिया में ‘महामंदी’ आई जिसने करोड़ों लोगों को सड़क पर ला दिया। आइए जानते हैं इस विनाशकारी दौर के इतिहास को!

प्रथम विश्व युद्ध का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?

पहला विश्व युद्ध मुख्य रूप से यूरोप में लड़ा गया, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा। यह पहला आधुनिक औद्योगिक युद्ध था जिसमें मशीनगनों, टैंकों, हवाई जहाज़ों और रासायनिक हथियारों का भयानक इस्तेमाल किया गया। इस युद्ध में लगभग 90 लाख लोग मारे गए और 2 करोड़ घायल हुए। मरने वाले ज़्यादातर कामकाजी उम्र के पुरुष थे, जिससे यूरोप में काम करने वालों की भारी कमी हो गई।

युद्ध का खर्च उठाने के लिए ब्रिटेन ने अमेरिका के बैंकों से भारी कर्ज़ा लिया। इस एक युद्ध ने अमेरिका को ‘कर्ज़दार’ (Debtor) से ‘कर्ज़दाता’ (Creditor) बना दिया। अब अमेरिका और उसके नागरिक विदेशों से कर्ज़ा लेने के बजाय, दूसरे देशों को कर्ज़ा दे रहे थे।

बड़े पैमाने पर उत्पादन और उपभोग की शुरुआत कैसे हुई?

युद्ध के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से सुधरी। 1920 के दशक में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत थी—‘बड़े पैमाने पर उत्पादन’ (Mass Production)

मशहूर कार निर्माता हेनरी फोर्ड इस उत्पादन के प्रणेता थे। उन्होंने शिकागो के एक बूचड़खाने से प्रेरणा लेकर अपने कारखाने में ‘असेंबली लाइन’ की शुरुआत की। इसमें एक मज़दूर केवल एक ही काम (जैसे कार का एक खास पुर्जा कसना) लगातार करता था। इससे काम की रफ़्तार बहुत तेज़ हो गई और दुनिया की पहली ‘असेंबली लाइन’ कार ‘टी-मॉडल’ (T-Model) बनकर तैयार हुई। फोर्ड ने मज़दूरों की दिहाड़ी दोगुनी कर दी। ज्यादा पैसे मिलने से मज़दूरों ने कारें, फ्रिज और रेडियो जैसी चीज़ें खरीदनी शुरू कर दीं, जिससे अर्थव्यवस्था में बूम (Boom) आ गया।

महामंदी क्या थी और यह क्यों आई?

1929 में दुनिया ने एक ऐसा आर्थिक संकट देखा जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। इसे ‘महामंदी’ (Great Depression) कहा जाता है। यह मंदी 1930 के दशक के मध्य तक बनी रही। इसके दो मुख्य कारण थे:

  1. कृषि अति-उत्पादन: खेती वाले उत्पादों की कीमतें गिरने लगीं। किसानों ने अपनी आमदनी बनाए रखने के लिए उत्पादन और ज्यादा बढ़ा दिया। इससे बाज़ार में अनाज का अंबार लग गया और कीमतें पूरी तरह से गिर गईं। फसलें सड़ने लगीं और उन्हें खरीदने वाला कोई नहीं था।
  2. अमेरिकी कर्ज़े का रुक जाना: 1920 के दशक में कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका से कर्ज़ा लिया था। लेकिन जैसे ही आर्थिक संकट के संकेत मिले, अमेरिकी निवेशकों ने अपना पैसा वापस खींचना शुरू कर दिया। 1928 में जो अमेरिकी कर्ज़ा एक अरब डॉलर था, वह साल भर के अंदर घटकर सिर्फ चौथाई रह गया।

इस संकट के कारण अमेरिका के हज़ारों बैंक दिवालिया हो गए और बंद हो गए। लाखों लोगों की नौकरियाँ चली गईं और वे बेरोज़गार होकर सड़कों पर आ गए।

भारत पर महामंदी का क्या प्रभाव पड़ा?

महामंदी का असर भारत पर भी बहुत भयंकर पड़ा। 1928 से 1934 के बीच भारत का निर्यात और आयात आधा रह गया। भारत में गेहूँ की कीमतें 50% तक गिर गईं।

  • बंगाल के जूट उत्पादक: बंगाल के किसान कच्चा जूट उगाते थे, जिससे कारखानों में बोरियाँ बनती थीं। मंदी के कारण बोरियों का निर्यात बंद हो गया और कच्चे जूट की कीमतें 60% से ज्यादा गिर गईं। किसान बुरी तरह कर्ज़ में डूब गए।
  • शहरों से ज्यादा गाँवों में तबाही: शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों पर मंदी का ज्यादा असर नहीं पड़ा, लेकिन किसानों की हालत बहुत खराब हो गई। सरकार ने किसानों का लगान कम करने से साफ मना कर दिया था।

मंदी के इन सालों में भारत सोने (Gold) जैसी कीमती धातुओं का निर्यात करने लगा। मशहूर अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स (Keynes) का मानना था कि भारत से हो रहे सोने के इस निर्यात ने विश्व अर्थव्यवस्था को सुधरने में बहुत बड़ी मदद की!

👨‍🏫 शिक्षक की सलाह: बच्चों, “हेनरी फोर्ड की असेंबली लाइन” और “महामंदी के प्रमुख कारण” बोर्ड परीक्षा के सबसे पसंदीदा विषय हैं। इन्हें अति-महत्वपूर्ण (Very Important) मानकर याद करें।

अब खेलें: महामंदी और अर्थव्यवस्था क्विज़

अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और प्रथम विश्व युद्ध, हेनरी फोर्ड, महामंदी और भारत पर इसके प्रभाव से जुड़े इन 20 महत्वपूर्ण इतिहास प्रश्नों का अभ्यास करें!

Slow
महत्वपूर्ण इतिहास परिभाषाएँ और व्याख्या

Total Slides: 7

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 0 / 5 (0 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon महायुद्धों के बीच अर्थव्यवस्था और महामंदी (Class 10 History)

Total Questions: 19 | Total Marks: 27

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय 3 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:

मुख्य विषय पृष्ठ:

Share this:

Leave a Comment

×
All Subjects

Available Courses

ASK