कक्षा 10 इतिहास (History) की इस रोमांचक कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आज हम एक ऐसी यात्रा पर निकलने वाले हैं, जिसने पूरी दुनिया का नक्शा ही बदल कर रख दिया। क्या आपने कभी सोचा है कि आज जो देश हम नक्शे पर देखते हैं (जैसे जर्मनी, इटली, फ्रांस), वे हमेशा से ऐसे ही थे? बिल्कुल नहीं!
उन्नीसवीं सदी से पहले यूरोप कई छोटे-छोटे साम्राज्यों और राजवाड़ों में बँटा हुआ था। फिर ऐसा क्या हुआ कि लोगों के दिलों में अपने ‘देश’ (राष्ट्र) के प्रति प्रेम जागा? ‘यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय’ इसी महान परिवर्तन की कहानी है। इस विशाल और ऐतिहासिक अध्याय को गहराई से समझने के लिए, मैंने इसे 6 छोटे-छोटे भागों (माइक्रो-लेसन्स) में बाँट दिया है:
- भाग 1: फ्रेडरिक सॉरयू का कल्पनादर्श और फ्रांसीसी क्रांति
- भाग 2: यूरोप में राष्ट्रवाद का निर्माण और कुलीन वर्ग
- भाग 3: 1815 के बाद नया रूढ़िवाद और क्रांतिकारी (मेत्सिनी)
- भाग 4: क्रांतियों का युग (1830-1848) और रूमानी कल्पना
- भाग 5: जर्मनी और इटली का एकीकरण कैसे हुआ?
- भाग 6: राष्ट्र की दृश्य-कल्पना और साम्राज्यवाद (बाल्कन संकट)
राष्ट्रवाद क्या है और यह कैसे शुरू हुआ?
राष्ट्रवाद का अर्थ है अपने देश (राष्ट्र) के प्रति प्रेम, निष्ठा और एक साझा पहचान की भावना। यूरोप में राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के साथ हुई। फ्रांसीसी क्रांतिकारियों ने सत्ता निरंकुश राजा से छीनकर जनता के हाथों में दे दी और एक नया झंडा (तिरंगा) चुना। उन्होंने यह संदेश दिया कि अब ‘नागरिक’ ही अपने राष्ट्र का निर्माण करेंगे।
राष्ट्र-राज्य (Nation-State) किसे कहते हैं?
उन्नीसवीं सदी में राष्ट्रवाद एक ऐसी ताक़त बनकर उभरा जिसने यूरोप के बहु-राष्ट्रीय वंशीय साम्राज्यों को खत्म कर दिया। उनके स्थान पर राष्ट्र-राज्य का उदय हुआ। राष्ट्र-राज्य एक ऐसा देश होता है जहाँ न केवल शासकों बल्कि अधिकांश नागरिकों में एक साझा पहचान, समान संस्कृति और समान इतिहास की भावना होती है।
जर्मनी और इटली का निर्माण कैसे हुआ?
इस अध्याय का सबसे रोमांचक हिस्सा जर्मनी और इटली का एकीकरण है। 1848 से पहले ये दोनों देश कई छोटे-छोटे राज्यों में बँटे हुए थे। हम जानेंगे कि कैसे ऑटो वॉन बिस्मार्क ने ‘रक्त और लौह’ की नीति अपनाकर सेना की मदद से जर्मनी का एकीकरण किया, और कैसे मेत्सिनी, कावूर तथा गैरीबॉल्डी ने मिलकर इटली को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाया।
साम्राज्यवाद और बाल्कन संकट क्या था?
अध्याय के अंत में हम देखेंगे कि कैसे राष्ट्रवाद अपनी पवित्रता खोकर संकीर्ण ‘साम्राज्यवाद’ में बदल गया। बाल्कन क्षेत्र (रोमानिया, बुल्गेरिया, यूनान आदि) में विभिन्न जातियों के बीच टकराव हुआ, जिसका फायदा उठाकर बड़ी शक्तियों (रूस, जर्मनी, इंग्लैंड) ने कब्जा करने की कोशिश की। इसी तनाव ने अंततः दुनिया को प्रथम विश्व युद्ध (1914) के विनाश में धकेल दिया।
अब खेलें: यूरोप में राष्ट्रवाद प्रारंभिक क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 इतिहास के इस पहले अध्याय के परिचय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी प्रारंभिक जानकारी की जाँच करें!
Total Slides: 7
Total Questions: 20 | Total Marks: 32