कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले अध्याय में हमने ‘यूरोप में राष्ट्रवाद’ के बारे में पढ़ा था। अब समय आ गया है कि हम अपने देश, यानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा को समझें।
अंग्रेजों की गुलामी और उनके अत्याचारों ने भारत के अलग-अलग धर्मों, जातियों और वर्गों के लोगों को एक सूत्र में बाँध दिया था। इस अध्याय में हम 1920 के दशक से आगे की कहानी पढ़ेंगे। इस विशाल और ऐतिहासिक अध्याय को आसानी से समझने के लिए, मैंने इसे 5 छोटे-छोटे भागों (माइक्रो-लेसन्स) में बाँट दिया है:
- भाग 1: प्रथम विश्व युद्ध, सत्याग्रह का विचार और रॉलट एक्ट
- भाग 2: असहयोग आंदोलन: शहरों से लेकर गाँवों तक विद्रोह
- भाग 3: सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर और नमक यात्रा
- भाग 4: सविनय अवज्ञा की सीमाएँ और पूना पैक्ट
- भाग 5: सामूहिक अपनेपन का भाव और भारत माता की छवि
सत्याग्रह और महात्मा गांधी का आगमन
जनवरी 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। उन्होंने ‘सत्याग्रह’ नाम का एक नया अहिंसक जन-आंदोलन का तरीका दुनिया को दिया था। भारत आकर उन्होंने चंपारन, खेड़ा और अहमदाबाद में सफल सत्याग्रह किए, जिससे पूरे देश में उनके नाम की लहर दौड़ गई। लेकिन 1919 के काले रॉलट एक्ट और जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने अंग्रेजों के क्रूर चेहरे को सबके सामने ला दिया।
असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन क्या थे?
गांधीजी का मानना था कि भारत में अंग्रेजी राज भारतीयों के ‘सहयोग’ से ही चल रहा है। इसलिए 1921 में असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) शुरू किया गया, जिसमें विदेशी कपड़ों और सरकारी नौकरियों का बहिष्कार किया गया।
बाद में, जब अंग्रेजों ने भारतीयों की माँगें नहीं मानी, तो 1930 में गांधीजी ने अपनी ऐतिहासिक ‘दांडी यात्रा’ (नमक मार्च) से सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत की, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी।
सामूहिक अपनेपन का भाव कैसे जागा?
किसी भी देश की आज़ादी केवल युद्धों या राजनीतिक आंदोलनों से नहीं मिलती। जब तक लोगों के मन में यह भाव न आए कि ‘हम सब एक ही राष्ट्र के अंग हैं’, तब तक राष्ट्रवाद अधूरा है। भारत में यह एकता तिरंगे झंडे, लोकगीतों, इतिहास के गौरव और ‘भारत माता’ की तस्वीर के जरिए पैदा की गई। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का ‘वंदे मातरम्’ गीत हर भारतीय की ज़ुबान पर था!
अब खेलें: भारत में राष्ट्रवाद प्रारंभिक क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 इतिहास के इस दूसरे अध्याय के परिचय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी प्रारंभिक जानकारी की जाँच करें!
Total Slides: 7
Total Questions: 19 | Total Marks: 27