जब हम किसी अँधेरे कमरे में जाते हैं, तो हमें कुछ भी दिखाई नहीं देता। लेकिन जैसे ही हम बल्ब चालू करते हैं, कमरे की सारी चीजें साफ दिखने लगती हैं। ऐसा क्यों होता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बल्ब से निकलने वाला प्रकाश जब चीजों से टकराकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, तभी […]
Read Moreअध्याय 9: प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन – सम्पूर्ण व्याख्या
विज्ञान की हमारी इस रोमांचक यात्रा के नौवें अध्याय में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अब हम जीव विज्ञान की दुनिया से निकलकर ‘भौतिक विज्ञान’ (Physics) की जादुई दुनिया में कदम रख रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि हम अंधेरे कमरे में कुछ भी क्यों नहीं देख पाते? या पानी में डूबी हुई पेंसिल […]
Read Moreभाग 4: लक्षण खुद को कैसे व्यक्त करते हैं और लिंग निर्धारण कैसे होता है?
पिछले भागों में हमने मेंडल के नियमों के बारे में पढ़ा और जाना कि माता-पिता के गुण बच्चों में जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक ‘जीन’ (Gene) आखिर ऐसा क्या करता है कि पौधे की लंबाई बढ़ जाती है या हमारी आँखों का रंग काला हो जाता है? और सबसे बड़ा […]
Read Moreभाग 3: लक्षणों की वंशागति में मेंडल का क्या योगदान है?
पिछले भाग में हमने जाना था कि माता-पिता के गुण उनके बच्चों में जाते हैं, जिसे आनुवंशिकता कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पिता के बाल घुंघराले हैं और माता के बाल सीधे हैं, तो बच्चे के बाल कैसे होंगे? क्या दोनों के गुण आपस में मिलकर ‘हल्के घुंघराले’ बाल बन […]
Read Moreभाग 2: आनुवंशिकता क्या है और वंशागत लक्षण कैसे कार्य करते हैं?
पिछले भाग में हमने पढ़ा था कि जनन के दौरान माता-पिता से बच्चों में कुछ बदलाव आते हैं, जिन्हें विभिन्नता कहते हैं। लेकिन अगर विभिन्नताएं आती हैं, तो फिर एक कुत्ते का बच्चा हमेशा कुत्ता ही क्यों पैदा होता है, बिल्ली क्यों नहीं? इसका कारण यह है कि विभिन्नताएं बहुत ही मामूली (थोड़ी सी) होती […]
Read Moreभाग 1: जनन के दौरान विभिन्नताओं का संचयन और उनका महत्व क्या है?
हमने पिछले अध्याय में पढ़ा था कि जनन की प्रक्रिया द्वारा जीव अपने जैसी नई संतान पैदा करते हैं। लेकिन क्या माता-पिता और उनके बच्चे बिल्कुल 100% एक जैसे (कार्बन कॉपी) होते हैं? नहीं! उनमें हमेशा कुछ न कुछ अंतर जरूर होता है। विज्ञान की भाषा में इन प्राकृतिक अंतरों को ‘विभिन्नता’ कहा जाता है। […]
Read Moreअध्याय 8: आनुवंशिकता – सम्पूर्ण व्याख्या
पिछले अध्याय में हमने पढ़ा था कि जीव अपने जैसी नई संतान पैदा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक कुत्ते का बच्चा हमेशा कुत्ता ही क्यों होता है? या फिर, आपके आँखों का रंग आपकी माता जी से और बालों का रंग आपके पिता जी से क्यों मिलता है? प्रकृति का […]
Read Moreभाग 5: जनन स्वास्थ्य क्या है और गर्भनिरोधक युक्तियां क्यों आवश्यक हैं?
पिछले भाग में हमने जाना कि मानव शरीर संतान पैदा करने के लिए कैसे तैयार होता है। लेकिन क्या शरीर के परिपक्व (Mature) होने का मतलब यह है कि व्यक्ति जनन के लिए पूरी तरह से तैयार है? बिल्कुल नहीं! जनन एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसका सीधा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज […]
Read Moreभाग 4: मानव जनन तंत्र कैसे कार्य करता है?
पिछले भाग में हमने जाना कि फूल वाले पौधों में बीज और फल कैसे बनते हैं। अब हम प्रकृति की सबसे जटिल और अद्भुत रचना—मानव (इंसान) के बारे में बात करेंगे। बचपन से लेकर बड़े होने तक हमारे शरीर में लगातार वृद्धि होती है (जैसे लंबाई बढ़ना, दाँत टूटना और नए आना)। लेकिन किशोरावस्था में […]
Read Moreभाग 3: पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन और बीज निर्माण कैसे होता है?
हम सभी को रंग-बिरंगे और खुशबूदार फूल बहुत पसंद होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पौधों में फूल क्यों खिलते हैं? क्या वे सिर्फ सजावट के लिए हैं? बिल्कुल नहीं! फूल वास्तव में पौधों के ‘जनन अंग’ होते हैं। जिस तरह इंसानों और जानवरों में बच्चे पैदा करने के लिए नर और […]
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