भाग 1: मानव नेत्र की संरचना और समंजन क्षमता कैसे कार्य करती है?

हम अपने आस-पास की दुनिया को कैसे देखते हैं? यह सब हमारी आँखों के कारण संभव है। मानव नेत्र (आँख) प्रकृति का दिया हुआ एक बहुत ही अनमोल और अद्भुत उपहार है। यह बिल्कुल एक कैमरे की तरह काम करता है, जो प्रकाश का उपयोग करके दुनिया की रंग-बिरंगी तस्वीरें हमारे दिमाग तक पहुँचाता है। … Read more

अध्याय 10: मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार – सम्पूर्ण व्याख्या

पिछले अध्याय में हमने पढ़ा था कि लेंस कैसे प्रकाश को मोड़कर चीजों को बड़ा या छोटा दिखाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे शरीर में भी एक ऐसा ही जादुई लेंस लगा है, जो हमें यह पूरी खूबसूरत दुनिया दिखाता है? जी हाँ, वह है हमारा ‘मानव नेत्र’ (आँख)! इस अध्याय … Read more

भाग 6: लेंस सूत्र क्या है और लेंस की क्षमता कैसे मापी जाती है?

पिछले भाग में हमने जाना था कि उत्तल और अवतल लेंस वस्तुओं का प्रतिबिंब कैसे बनाते हैं। लेकिन अगर हमें यह पता लगाना हो कि किसी विशेष चश्मे का नंबर (Power) क्या है, या परछाई ठीक कितने सेंटीमीटर दूर बनेगी, तो हमें गणितीय सूत्रों का सहारा लेना पड़ता है। अध्याय 9 के इस अंतिम भाग … Read more

भाग 5: गोलीय लेंस क्या हैं और उनके द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?

पिछले भाग में हमने जाना था कि जब प्रकाश हवा से काँच या पानी में जाता है, तो वह अपने रास्ते से थोड़ा मुड़ जाता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं। अब जरा सोचिए, अगर हम काँच के एक टुकड़े को एक खास गोलाई में काट लें, तो क्या हम प्रकाश को अपनी मर्जी से मोड़ … Read more

भाग 4: प्रकाश का अपवर्तन क्या है और अपवर्तनांक कैसे कार्य करता है?

पिछले भागों में हमने देखा कि दर्पण प्रकाश को टकराकर वापस भेज देते हैं। लेकिन, क्या होता है जब प्रकाश किसी ऐसे माध्यम पर पड़ता है जिसके आर-पार देखा जा सके (जैसे काँच या पानी)? क्या आपने कभी गौर किया है कि पानी से भरे गिलास में रखा नींबू अपने असली आकार से बड़ा क्यों … Read more

भाग 3: दर्पण सूत्र क्या है और आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं? (Class 10 Science)

पिछले भाग में हमने किरण आरेख बनाकर यह देखा था कि दर्पण के सामने वस्तु को कहाँ रखने पर उसकी परछाई (प्रतिबिंब) कहाँ बनती है। लेकिन, अगर हमें बिल्कुल सटीक (Exact) दूरी नापनी हो, तो हम क्या करेंगे? उदाहरण के लिए, अगर हम वस्तु को 15 सेंटीमीटर दूर रखें, तो प्रतिबिंब ठीक कितने सेंटीमीटर दूर … Read more

भाग 2: गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?

पिछले भाग में हमने जाना था कि अवतल दर्पण (अंदर की ओर धंसा हुआ) और उत्तल दर्पण (बाहर की ओर उभरा हुआ) क्या होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी चमकदार चम्मच को अपने चेहरे के पास लाते हैं तो चेहरा सीधा और बड़ा दिखता है, लेकिन जब उसे दूर … Read more

भाग 1: प्रकाश का परावर्तन और गोलीय दर्पण की कार्यप्रणाली

जब हम किसी अँधेरे कमरे में जाते हैं, तो हमें कुछ भी दिखाई नहीं देता। लेकिन जैसे ही हम बल्ब चालू करते हैं, कमरे की सारी चीजें साफ दिखने लगती हैं। ऐसा क्यों होता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बल्ब से निकलने वाला प्रकाश जब चीजों से टकराकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, तभी … Read more

अध्याय 9: प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन – सम्पूर्ण व्याख्या

विज्ञान की हमारी इस रोमांचक यात्रा के नौवें अध्याय में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अब हम जीव विज्ञान की दुनिया से निकलकर ‘भौतिक विज्ञान’ (Physics) की जादुई दुनिया में कदम रख रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि हम अंधेरे कमरे में कुछ भी क्यों नहीं देख पाते? या पानी में डूबी हुई पेंसिल … Read more

भाग 4: लक्षण खुद को कैसे व्यक्त करते हैं और लिंग निर्धारण कैसे होता है?

पिछले भागों में हमने मेंडल के नियमों के बारे में पढ़ा और जाना कि माता-पिता के गुण बच्चों में जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक ‘जीन’ (Gene) आखिर ऐसा क्या करता है कि पौधे की लंबाई बढ़ जाती है या हमारी आँखों का रंग काला हो जाता है? और सबसे बड़ा … Read more

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