पिछले भाग में हमने किरण आरेख बनाकर यह देखा था कि दर्पण के सामने वस्तु को कहाँ रखने पर उसकी परछाई (प्रतिबिंब) कहाँ बनती है। लेकिन, अगर हमें बिल्कुल सटीक (Exact) दूरी नापनी हो, तो हम क्या करेंगे?
उदाहरण के लिए, अगर हम वस्तु को 15 सेंटीमीटर दूर रखें, तो प्रतिबिंब ठीक कितने सेंटीमीटर दूर बनेगा? क्या वह वस्तु से दोगुना बड़ा होगा या आधा? इन सभी सवालों का सटीक गणितीय जवाब निकालने के लिए वैज्ञानिकों ने कुछ नियम और सूत्र (Formulas) बनाए हैं। आज हम इन्हीं दर्पण सूत्रों और आवर्धन के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।
गोलीय दर्पणों के लिए चिह्न परिपाटी क्या है?
दर्पण के सवालों (Numericals) को हल करने के लिए दूरियों को नापने का एक फिक्स नियम बनाया गया है, जिसे नई कार्तीय चिह्न परिपाटी कहते हैं। इसके अनुसार दर्पण के ‘ध्रुव’ को हमेशा केंद्र (मूल बिंदु) माना जाता है:
- वस्तु (बिंब) को हमेशा दर्पण के बायीं ओर (Left side) रखा जाता है।
- ध्रुव से बायीं ओर नापी गई सभी दूरियां ऋणात्मक (Minus / -) होती हैं। इसलिए वस्तु की दूरी हमेशा माइनस (-) में लिखी जाती है।
- ध्रुव से दायीं ओर (Right side / दर्पण के पीछे) नापी गई सभी दूरियां धनात्मक (Plus / +) होती हैं।
- मुख्य अक्ष के ऊपर की ओर (सीधी) नापी गई ऊँचाई धनात्मक (+) होती है, जबकि नीचे की ओर (उल्टी) नापी गई ऊँचाई ऋणात्मक (-) होती है।
(विशेष नोट: अवतल दर्पण की फोकस दूरी हमेशा ऋणात्मक (-) होती है, जबकि उत्तल दर्पण की फोकस दूरी हमेशा धनात्मक (+) होती है।)
दर्पण सूत्र किसे कहते हैं?
दर्पण सूत्र एक ऐसा जादुई गणितीय फॉर्मूला है जो वस्तु की दूरी, प्रतिबिंब की दूरी और फोकस दूरी के बीच संबंध बताता है।
दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
यहाँ इन अक्षरों का क्या मतलब है?
- u (बिंब दूरी): दर्पण के ध्रुव से वस्तु (Object) की दूरी।
- v (प्रतिबिंब दूरी): दर्पण के ध्रुव से बनने वाली परछाई (Image) की दूरी।
- f (फोकस दूरी): दर्पण के ध्रुव से मुख्य फोकस तक की दूरी।
अगर आपको इन तीन में से कोई भी दो दूरियां पता हैं, तो आप इस सूत्र का उपयोग करके तीसरी दूरी आसानी से निकाल सकते हैं।
आवर्धन क्या है और इसे कैसे मापते हैं?
प्रतिबिंब वस्तु से कितना गुना बड़ा या छोटा बना है, इसे विज्ञान की भाषा में आवर्धन कहा जाता है। इसे अंग्रेजी के ‘m’ अक्षर से दर्शाया जाता है।
आवर्धन निकालने के दो सूत्र होते हैं:
- m = प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) / बिंब की ऊँचाई (h)
- m = -v / u (यह सूत्र दूरियों के आधार पर आवर्धन बताता है)
आवर्धन के मान से हम क्या समझ सकते हैं?
आवर्धन का उत्तर (Result) हमें परछाई के बारे में बहुत कुछ बता देता है:
- अगर m का मान ऋणात्मक (-) आता है, तो इसका मतलब है कि प्रतिबिंब मुख्य अक्ष के नीचे बन रहा है, यानी वह वास्तविक और उल्टा है।
- अगर m का मान धनात्मक (+) आता है, तो इसका मतलब है कि प्रतिबिंब सीधा बन रहा है, यानी वह आभासी और सीधा है।
- अगर m = 1 है, तो प्रतिबिंब का आकार वस्तु के बिल्कुल बराबर है।
- अगर m > 1 है, तो प्रतिबिंब वस्तु से बड़ा है, और अगर m < 1 है, तो प्रतिबिंब वस्तु से छोटा है।
अब खेलें: दर्पण सूत्र और आवर्धन क्विज़
अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और चिह्न परिपाटी, दर्पण सूत्र तथा आवर्धन पर आधारित इन 20 महत्वपूर्ण विज्ञान प्रश्नों का अभ्यास करें!
Total Slides: 7
Total Questions: 20 | Total Marks: 32
Leaderboard (Last 30 Days)
अध्याय 9 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: प्रकाश का परावर्तन क्या है और गोलीय दर्पण कैसे कार्य करते हैं?
- भाग 2: गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
- You are Reading Here: दर्पण सूत्र क्या है और आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं?
- भाग 4: प्रकाश का अपवर्तन क्या है और अपवर्तनांक कैसे कार्य करता है?
- भाग 5: गोलीय लेंस क्या हैं और उनके द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
- भाग 6: लेंस सूत्र क्या है और लेंस की क्षमता कैसे मापी जाती है?