कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने उन्नीसवीं सदी की विश्व अर्थव्यवस्था और रिंडरपेस्ट जैसी बीमारी के बारे में जाना था। उन्नीसवीं सदी में दुनिया बदल रही थी। जहाँ एक तरफ अमीर देशों का व्यापार बढ़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ गरीब देशों के लोगों का […]
Read Moreभाग 2: उन्नीसवीं शताब्दी – विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और रिंडरपेस्ट
पिछले भाग में हमने जाना था कि सिल्क मार्ग और भोजन की यात्रा ने प्राचीन दुनिया को कैसे जोड़ा था और कोलंबस की खोज ने दुनिया कैसे बदल दी। आज हम बात करेंगे उन्नीसवीं सदी (1815-1914) की। इस सदी में दुनिया बहुत तेज़ी से बदली। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय […]
Read Moreभाग 1: आधुनिक युग से पहले – सिल्क मार्ग, भोजन की यात्रा और बीमारियाँ
आजकल हम ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) शब्द बहुत सुनते हैं और हमें लगता है कि दुनिया पिछले कुछ सालों में ही एक-दूसरे से जुड़ी है। लेकिन ऐसा नहीं है! प्राचीन काल से ही यात्री, व्यापारी और तीर्थयात्री दूर-दूर की यात्राएँ करते रहे हैं। वे अपने साथ न केवल पैसा और विचार ले गए, बल्कि नया भोजन और […]
Read Moreअध्याय 3: भूमंडलीकृत विश्व का बनना – सम्पूर्ण व्याख्या
कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस शानदार कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आज हम इतिहास का एक बहुत ही रोचक और नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं—‘भूमंडलीकृत विश्व का बनना’। जब हम आज ‘वैश्वीकरण’ (Globalization) की बात करते हैं, तो हमें लगता है कि यह पिछले 50 सालों की ही बात है। लेकिन […]
Read Moreभाग 5: सामूहिक अपनेपन का भाव और भारत माता की छवि
कक्षा 10 इतिहास के अध्याय ‘भारत में राष्ट्रवाद’ के इस अंतिम भाग में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। अब तक हमने देखा कि महात्मा गांधी और अन्य नेताओं ने अंग्रेजों के खिलाफ कैसे बड़े-बड़े आंदोलन चलाए। लेकिन किसी भी देश की आज़ादी केवल राजनीतिक आंदोलनों से नहीं मिलती। जब तक अलग-अलग धर्मों, जातियों और भाषाओं के […]
Read Moreभाग 4: सविनय अवज्ञा की सीमाएँ और पूना पैक्ट
कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा के जरिए कैसे सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी। लेकिन क्या भारत के सभी सामाजिक समूहों ने इस आंदोलन में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया? सच्चाई यह है कि […]
Read Moreभाग 3: सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर और नमक यात्रा
कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि चौरी-चौरा की हिंसक घटना के कारण गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को अचानक रोक दिया था। आंदोलन रुकने के बाद देश में थोड़ी निराशा छा गई थी। कुछ नेता चुनाव लड़कर अंग्रेजी परिषदों में जाना चाहते थे, […]
Read Moreभाग 2: असहयोग आंदोलन: शहरों से लेकर गाँवों तक विद्रोह
पिछले भाग में हमने जाना था कि कैसे जलियाँवाला बाग हत्याकांड और रॉलट एक्ट ने पूरे देश में अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ गुस्सा भर दिया था। गांधीजी को लगने लगा था कि अब भारत में एक बहुत बड़ा और व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करने का समय आ गया है। लेकिन कोई भी बड़ा आंदोलन तब तक […]
Read Moreभाग 1: प्रथम विश्व युद्ध, सत्याग्रह का विचार और रॉलट एक्ट
कक्षा 10 इतिहास के अध्याय ‘भारत में राष्ट्रवाद’ के पहले भाग में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले अध्याय में हमने यूरोप में राष्ट्रवाद के बारे में पढ़ा था। अब हम जानेंगे कि हमारे अपने देश भारत में आज़ादी और राष्ट्रवाद की लहर कैसे उठी। अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष के दौरान भारत के लोग आपसी एकता […]
Read Moreअध्याय 2: भारत में राष्ट्रवाद – सम्पूर्ण व्याख्या
कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। पिछले अध्याय में हमने ‘यूरोप में राष्ट्रवाद’ के बारे में पढ़ा था। अब समय आ गया है कि हम अपने देश, यानी भारत के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा को समझें। अंग्रेजों की गुलामी और उनके अत्याचारों ने भारत के अलग-अलग धर्मों, जातियों […]
Read More