कक्षा 10 भूगोल के अध्याय ‘संसाधन एवं विकास’ के इस अंतिम भाग में हम ‘मृदा अपरदन’ और उसे रोकने के विभिन्न उपायों का अध्ययन करेंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा में “उत्खात भूमि किसे कहते हैं?”, “समोच्च जुताई क्या है?” और “मृदा संरक्षण के उपाय” जैसे प्रश्न अति-लघु और दीर्घ उत्तरीय दोनों ही खंडों में अक्सर पूछे […]
Read Moreभाग 4: मृदा संसाधन: जलोढ़, काली, लाल और लेटराइट मृदा
कक्षा 10 भूगोल के अध्याय ‘संसाधन एवं विकास’ के इस चौथे भाग में हम भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन—’मृदा’ (मिट्टी) और उसके विभिन्न प्रकारों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा में “जलोढ़ और काली मिट्टी की विशेषताएँ” या “खादर और बांगर में अंतर” जैसे प्रश्न हर साल लघु और दीर्घ उत्तरीय खंड […]
Read Moreभाग 3: भारत में संसाधन नियोजन और भू-संसाधन
कक्षा 10 भूगोल के इस महत्वपूर्ण भाग में हम ‘भारत में संसाधन नियोजन’ (Resource Planning) और ‘भू-संसाधनों’ (Land Resources) के उपयोग का विस्तार से अध्ययन करेंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा में संसाधनों के संरक्षण पर महात्मा गांधी के विचार और भारत की भू-आकृतियों (मैदान, पर्वत, पठार) के प्रतिशत से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। आइए […]
Read Moreभाग 2: संसाधनों का विकास और सतत् पोषणीय विकास
यूपी बोर्ड कक्षा 10 भूगोल के अध्याय 1 ‘संसाधन एवं विकास’ के इस दूसरे भाग में हम संसाधनों के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन करेंगे। सतत् पोषणीय विकास, रियो डी जेनेरो पृथ्वी सम्मेलन और एजेंडा 21 जैसे विषय बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आइए इन्हें आसान […]
Read Moreभाग 1: संसाधन क्या हैं? प्रकार और वर्गीकरण
कक्षा 10 भूगोल (Geography) के पहले अध्याय ‘संसाधन एवं विकास’ (Resources and Development) के इस भाग में हम संसाधनों के अर्थ और उनके वर्गीकरण का विस्तार से अध्ययन करेंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से संसाधनों की परिभाषा और उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व तथा विकास के स्तर के आधार पर उनका वर्गीकरण बहुत ही महत्वपूर्ण विषय […]
Read Moreअध्याय 1: संसाधन एवं विकास – सम्पूर्ण व्याख्या
कक्षा 10 भूगोल (Geography) भूगोल का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अध्याय शुरू करने जा रहे हैं—‘संसाधन एवं विकास’। हमारे चारों ओर मौजूद हर वह चीज़ जो हमारी ज़रूरतें पूरी करती है, ‘संसाधन’ कहलाती है। लेकिन क्या ये संसाधन हमेशा ऐसे ही रहेंगे? मिट्टी, पानी और जंगल जैसे संसाधनों का अगर हम अंधाधुंध उपयोग करेंगे, तो […]
Read Moreभाग 5: भारत में प्रेस, महिलाएँ, गरीब जनता और सेंसरशिप
छपाई की तकनीक ने केवल अमीर लोगों या धर्मगुरुओं को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि इसने महिलाओं और समाज के सबसे निचले व गरीब तबके को भी एक नई आवाज़ दी। लेकिन जब ये आवाज़ें अंग्रेज़ सरकार के खिलाफ उठने लगीं, तो सरकार ने प्रेस पर पाबंदियाँ लगा दीं। आइए इस अंतिम भाग में महिलाओं, […]
Read Moreभाग 4: भारत में मुद्रण का संसार और शुरुआती छपाई
पिछले भाग में हमने जाना था कि मुद्रण क्रांति ने यूरोप में कैसे तहलका मचाया और दुनिया को कैसे बदल दिया। अब हम यूरोप से निकलकर अपने प्यारे देश ‘भारत’ की ओर चलते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि जब भारत में छपाई की मशीनें नहीं थीं, तब हमारे प्राचीन ग्रंथ और किताबें कैसे […]
Read Moreभाग 3: मुद्रण क्रांति और उसका असर: पाठक वर्ग और धार्मिक विवाद
नमस्कार विद्यार्थियों! कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि योहान गुटेन्बर्ग ने कैसे आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया और बाइबल छापी। छापेखाने का आविष्कार केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं था। इसने लोगों की ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। […]
Read Moreभाग 2: यूरोप में मुद्रण का आना और गुटेन्बर्ग प्रेस
कक्षा 10 इतिहास की हमारी इस यात्रा में आपका पुनः स्वागत है। पिछले भाग में हमने जाना था कि छपाई की सबसे पहली तकनीक चीन, जापान और कोरिया में विकसित हुई थी। लेकिन आज हम जिस छपाई मशीन (Printing Press) को देखते हैं, वह पूर्वी एशिया से निकलकर यूरोप कैसे पहुँची? और यूरोप के लोगों […]
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