मानव विकास सूचकांक (Human Development Index – HDI) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रकाशित एक वैश्विक मापदंड है, जो देशों के विकास का आकलन केवल आर्थिक आय से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर जैसे मानवीय पहलुओं के आधार पर करता है।
उदाहरण के लिए, कल्पना कीजिए कि दो विद्यार्थी हैं—राम और श्याम। राम के परीक्षा में अंक अधिक हैं, परन्तु वह अक्सर बीमार रहता है और स्कूल नहीं आ पाता। दूसरी ओर, श्याम के अंक थोड़े कम हैं, लेकिन वह स्वस्थ है और नियमित रूप से विद्यालय जाता है। अब यदि हम केवल अंकों के आधार पर तुलना करें तो राम बेहतर लगेगा, परन्तु समग्र दृष्टिकोण से श्याम का विकास अधिक संतुलित है। ठीक इसी प्रकार, राष्ट्रों के विकास को मापने के लिए केवल आय (प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद) पर्याप्त नहीं है।
मानव विकास सूचकांक (HDI) क्या है?
मानव विकास सूचकांक (HDI) एक संयुक्त सूचकांक है जो किसी देश की जनता के जीवन की गुणवत्ता को मापता है। इसे प्रसिद्ध अर्थशास्त्री महबूब उल हक ने विकसित किया था और UNDP 1990 से हर वर्ष मानव विकास रिपोर्ट में इसे प्रकाशित करता है। यह सूचकांक हमें बताता है कि कोई देश केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से कितना विकसित है। राष्ट्रीय विकास का मापन: आय और उसकी सीमाएँ में आपने पढ़ा कि औसत आय विकास का एकमात्र पैमाना नहीं हो सकती; HDI वास्तव में विकास के मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
HDI के तीन आयाम
HDI निम्नलिखित तीन मुख्य आयामों पर आधारित होता है:
1. स्वास्थ्य (जीवन प्रत्याशा)
इस आयाम को मापने के लिए जीवन प्रत्याशा (जन्म के समय) का प्रयोग किया जाता है। जीवन प्रत्याशा यह बताती है कि किसी देश में जन्मा शिशु औसतन कितने वर्ष जी सकता है। उच्च जीवन प्रत्याशा का अर्थ है बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छता और पोषण। विकास के अन्य सूचकांक और सार्वजनिक सुविधाएँ में चर्चा की गई सार्वजनिक सुविधाएँ, जैसे स्वास्थ्य केंद्र, जीवन प्रत्याशा को प्रभावित करती हैं।
2. शिक्षा (विद्यालयी औसत आयु और अपेक्षित विद्यालयी आयु)
शिक्षा को दो उप-मापदंडों द्वारा मापा जाता है: विद्यालयी औसत आयु (25 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों द्वारा बिताए गए स्कूली वर्षों का औसत) और अपेक्षित विद्यालयी आयु (स्कूल जाने की आयु के बच्चों द्वारा स्कूल में बिताए जाने वाले वर्षों की संभावित संख्या)। शिक्षा मानवीय क्षमताओं के विकास का आधार है।
3. जीवन स्तर (प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय)
यह आयाम प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per capita) को क्रय शक्ति समता (PPP) के रूप में मापता है। PPP विनिमय दरों की तुलना में लोगों की वास्तविक क्रय क्षमता को बेहतर दर्शाती है। यह आयाम आर्थिक स्थिति को इंगित करता है, परन्तु HDI में आय को एकमात्र नहीं, बल्कि तीन में से एक आयाम के रूप में शामिल किया गया है।
भारत और पड़ोसी देशों की तुलना
पाठ्यपुस्तक की तालिका 1.6 में भारत और उसके पड़ोसी देशों—श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और म्यांमार—के HDI आँकड़ों की तुलना की गई है। 2023-24 की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार, भारत का HDI क्रमांक 130 है। श्रीलंका, जो एक द्वीपीय राष्ट्र है, सभी श्रेणियों में भारत से आगे है: उसकी जीवन प्रत्याशा, शिक्षा स्तर और प्रति व्यक्ति आय भारत की तुलना में अधिक है। यह दर्शाता है कि विकास केवल आकार या आबादी पर नहीं, बल्कि सामाजिक नीतियों पर भी निर्भर करता है।
दिलचस्प बात यह है कि नेपाल और बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय भारत से कम है, फिर भी उनकी जीवन प्रत्याशा भारत के लगभग बराबर या उससे थोड़ी अधिक है। इसका कारण यह है कि इन देशों ने स्वास्थ्य और शिक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। यह उदाहरण सिद्ध करता है कि विकास को मापने के लिए केवल आय पर्याप्त नहीं; विकास: विभिन्न दृष्टिकोण और लक्ष्य में बताए अनुसार, विभिन्न लोगों के लिए विकास के अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं।
पाकिस्तान और म्यांमार की स्थिति भारत से नीची है, जो इन देशों में सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों को इंगित करता है। HDI तुलना हमें यह समझने में मदद करती है कि किसी देश की विकास नीतियाँ कितनी प्रभावी हैं।
HDI का महत्व और निष्कर्ष
मानव विकास सूचकांक हमें सिखाता है कि सच्चा विकास वह है जो लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाए। केवल ऊँची आय होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उस आय का वितरण और सामाजिक विकास पर खर्च भी महत्वपूर्ण है। HDI इस बात पर बल देता है कि सरकारों को स्वास्थ्य, शिक्षा और आय समानता को प्राथमिकता देनी चाहिए। एक समग्र विकास नीति से ही कोई देश मानव विकास में प्रगति कर सकता है।
अन्य उप-पाठ
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अध्याय के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: विकास: विभिन्न दृष्टिकोण और लक्ष्य
- भाग 2: राष्ट्रीय विकास का मापन: आय और उसकी सीमाएँ
- भाग 3: विकास के अन्य सूचकांक और सार्वजनिक सुविधाएँ
- You are Reading Here: मानव विकास सूचकांक और देशों की तुलना
- भाग 5: विकास की धारणीयता
- भाग 6: अभ्यास और मूल्यांकन