भाग 5: जनन स्वास्थ्य क्या है और गर्भनिरोधक युक्तियां क्यों आवश्यक हैं?

पिछले भाग में हमने जाना कि मानव शरीर संतान पैदा करने के लिए कैसे तैयार होता है। लेकिन क्या शरीर के परिपक्व (Mature) होने का मतलब यह है कि व्यक्ति जनन के लिए पूरी तरह से तैयार है? बिल्कुल नहीं! जनन एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसका सीधा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज … Read more

भाग 4: मानव जनन तंत्र कैसे कार्य करता है?

पिछले भाग में हमने जाना कि फूल वाले पौधों में बीज और फल कैसे बनते हैं। अब हम प्रकृति की सबसे जटिल और अद्भुत रचना—मानव (इंसान) के बारे में बात करेंगे। बचपन से लेकर बड़े होने तक हमारे शरीर में लगातार वृद्धि होती है (जैसे लंबाई बढ़ना, दाँत टूटना और नए आना)। लेकिन किशोरावस्था में … Read more

भाग 3: पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन और बीज निर्माण कैसे होता है?

हम सभी को रंग-बिरंगे और खुशबूदार फूल बहुत पसंद होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पौधों में फूल क्यों खिलते हैं? क्या वे सिर्फ सजावट के लिए हैं? बिल्कुल नहीं! फूल वास्तव में पौधों के ‘जनन अंग’ होते हैं। जिस तरह इंसानों और जानवरों में बच्चे पैदा करने के लिए नर और … Read more

भाग 2: एकल जीवों में अलैंगिक जनन की विधियां कैसे कार्य करती हैं?

पिछले भाग में हमने जाना कि जीव अपनी प्रजाति को बचाने के लिए जनन करते हैं और डीएनए की कॉपी बनाते हैं। लेकिन संतान पैदा करने के लिए हमेशा नर और मादा (दो जीवों) की जरूरत नहीं होती। प्रकृति में ऐसे बहुत से जीव हैं जो बिल्कुल अकेले ही अपने शरीर से नए जीवों को … Read more

भाग 1: जीवों में जनन क्यों आवश्यक है और डीएनए प्रतिकृति का महत्व

हम सब जानते हैं कि जिंदा रहने के लिए खाना खाना, सांस लेना और शरीर से कचरा बाहर निकालना बहुत जरूरी है। अगर कोई जीव इनमें से कोई एक काम भी बंद कर दे, तो उसकी मृत्यु हो जाएगी। लेकिन ‘जनन’ (संतान पैदा करना) जीवित रहने के लिए जरूरी नहीं है। एक जीव बिना जनन … Read more

अध्याय 7: जीव जनन कैसे करते हैं – सम्पूर्ण व्याख्या

हमने अब तक श्वसन, पाचन और रक्त संचार जैसे प्रक्रमों के बारे में पढ़ा, जिनके बिना कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता। लेकिन, क्या ‘जनन’ (Reproduction) जीवित रहने के लिए जरूरी है? बिल्कुल नहीं! एक जीव बिना जनन किए भी अपना पूरा जीवन आसानी से जी सकता है। फिर जीव इतनी अधिक ऊर्जा खर्च … Read more

भाग 6: जंतुओं में रासायनिक समन्वय और अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्य

पिछले भागों में हमने देखा कि हमारा मस्तिष्क और नसों का जाल (तंत्रिका तंत्र) बिजली के करंट (विद्युत आवेग) की तरह काम करता है। लेकिन इस करंट की एक सीमा होती है—यह शरीर की हर एक कोशिका तक नहीं पहुँच सकता और यह बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। तो फिर हमारे शरीर की हर … Read more

भाग 5: पादपों में रासायनिक समन्वय और हॉर्मोन के कार्य

पिछले भाग में हमने पढ़ा था कि सूरजमुखी का पौधा सूरज की रोशनी की तरफ मुड़ जाता है और जड़ें हमेशा जमीन की तरफ बढ़ती हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पौधों के पास दिमाग या नसें नहीं होतीं, तो वे यह तय कैसे करते हैं कि उन्हें किस दिशा में और … Read more

भाग 4: पादपों में समन्वय (पौधों की गतियां और अनुवर्तन) – UP Board Class 10 Science

पिछले भागों में हमने जाना कि जानवरों और इंसानों के पास दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों का एक पूरा जाल होता है, जिससे वे अपने वातावरण को महसूस करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पेड़-पौधों के पास तो न दिमाग होता है और न ही मांसपेशियां, फिर भी सूरजमुखी का फूल … Read more

भाग 3: मानव मस्तिष्क की संरचना और इसके प्रमुख कार्य (Class 10 Science)

पिछले भाग में हमने ‘प्रतिवर्ती क्रिया’ के बारे में पढ़ा था, जहाँ शरीर बिना सोचे-समझे तुरंत फैसले लेता है (जैसे गर्म तवे से हाथ हटाना)। लेकिन, क्या हमारे शरीर का हर काम बिना सोचे होता है? बिल्कुल नहीं! जब आप एक कुर्सी घुमाते हैं, कोई किताब पढ़ते हैं या गणित का सवाल हल करते हैं, … Read more

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