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लोकतंत्र और आर्थिक संवृद्धि

लोकतंत्र और आर्थिक संवृद्धि के बीच का संबंध हमेशा बहस का विषय रहा है। क्या लोकतांत्रिक देश आर्थिक तरक्की में आगे हैं, या तानाशाही वाले? इस तुलनात्मक अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि आर्थिक विकास के मामले में दोनों लगभग बराबर हैं, लेकिन लोकतंत्र के व्यापक लाभ इसे ज्यादा बेहतर बनाते हैं।

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लोकतंत्र और आर्थिक संवृद्धि - Interactive Revission

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Quiz Icon लोकतंत्र और आर्थिक संवृद्धि - InteractiVe Quiz

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मान लीजिए, आपके घर में दो भाई हैं। एक भाई हर कदम पर सबसे राय लेता है, दूसरा भाई अकेले फैसले करता है। अक्सर दूसरा भाई जल्दी काम निपटा लेता है, लेकिन पहले भाई के फैसले ज्यादा टिकाऊ होते हैं और सबका सहयोग मिलता है। शासन में भी यही स्थिति है। लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन करना जरूरी है, क्योंकि सिर्फ विकास दर ही मायने नहीं रखती।

आर्थिक संवृद्धि की तुलना

चार्ट 1 के अनुसार, 1950 से 2000 के बीच सभी लोकतांत्रिक शासनों की विकास दर 3.95% रही, जबकि सभी तानाशाहियों की 4.42%। यानी तानाशाहियाँ थोड़ी आगे दिखती हैं। लेकिन यह अंतर बहुत बड़ा नहीं है।

इसका मतलब यह नहीं कि तानाशाही बेहतर है। उत्तरदायी और वैध शासन के बिना विकास का फायदा आम लोगों तक नहीं पहुँचता। विकास दर केवल औसत दिखाती है, असली तस्वीर नहीं।

गरीब देशों की तुलना

जब हम केवल गरीब देशों को देखते हैं, तो तानाशाही वाले गरीब देशों की विकास दर 4.34% और लोकतंत्र वाले गरीब देशों की 4.28% है। फर्क सिर्फ 0.06% का है, जो नगण्य है। अतः यह कहना गलत है कि गरीब देशों में तानाशाही आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।

यहाँ लोकतंत्र, असमानता और गरीबी का सवाल आता है। क्या विकास का लाभ सबको मिलता है? यह सिर्फ विकास दर से नहीं, बल्कि नीतियों से तय होता है।

विकास को प्रभावित करने वाले कारक

आर्थिक विकास कई चीजों पर निर्भर करता है – जनसंख्या, वैश्विक परिस्थितियाँ, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सरकार की प्राथमिकताएँ। शासन का प्रकार उनमें से एक है, लेकिन एकमात्र नहीं।

उदाहरण के लिए, प्राकृतिक आपदा या युद्ध के समय कोई भी सरकार विकास नहीं कर सकती। साथ ही, तानाशाही में तेज निर्णय होते हैं, लेकिन वे जनता की भलाई के नहीं भी हो सकते। लोकतंत्र में भले ही निर्णय धीमे हों, लेकिन वे जिम्मेदार होते हैं।

आय की असमानता

अब देखते हैं कि आय की असमानता किस स्तर पर है। चार्ट 2 के आँकड़े बताते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में ऊपरी 20% आबादी के पास 64.8% आय है, जबकि नीचे के 20% के पास सिर्फ 2.9%। ब्राज़ील में 63.0% बनाम 2.6%, रूस में 53.7% बनाम 4.4%, अमेरिका में 50.0% बनाम 4.0%, ब्रिटेन में 45.0% बनाम 6.0%।

डेनमार्क में यह अनुपात 34.5% बनाम 9.6% है, और हंगरी में 34.4% बनाम 10.0%। साफ है कि लोकतांत्रिक देशों में भी असमानता कम या ज्यादा हो सकती है।

लेकिन लोकतंत्र के पास अपनी त्रुटियों को सुधारने का रास्ता है। चुनावों के माध्यम से जनता सरकार बदल सकती है। यही कारण है कि लोकतंत्र, गरिमा और स्वतंत्रता जैसे मूल्य लोकतंत्र को श्रेष्ठ बनाते हैं।

क्या अपेक्षाएँ पूरी होती हैं? कभी-कभी नहीं। फिर भी लोकतंत्र में सुधार की गुंजाइश रहती है। लोकतंत्र की चुनौतियाँ तभी कम होंगी जब नागरिक जागरूक हों। इसके साथ ही सामाजिक विविधता का प्रबंधन भी विकास को प्रभावित करता है।

👨‍🏫 शिक्षक की सलाह: इस भाग में दिए गए आँकड़ों (जैसे 3.95%, 4.42%, आय असमानता के प्रतिशत) को ध्यान से याद रखें। परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि लोकतंत्र और तानाशाही की विकास दर में क्या अंतर है, और आय की असमानता के आँकड़ों पर आधारित प्रश्न। हर बार आँकड़ों को सही-सही लिखें।

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