🎓 Log in to save your performance and get free courses in Hindi

Install our UP Board App. Less than 2 MB.

महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण

महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण लोकतंत्र की असली परख हैं। भारत में महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व की स्थिति, नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 और पंचायती राज में आरक्षण जैसे विषय बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह लेख इन्हीं बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करता है।

कल्पना कीजिए कि एक क्रिकेट टीम चुननी है जो पूरे देश का प्रतिनिधित्व करेगी, लेकिन चयनकर्ता आधी आबादी यानी महिलाओं को अनदेखा कर दें। क्या ऐसी टीम सही मायने में राष्ट्रीय टीम कहलाएगी? ठीक यही स्थिति हमारी संसद और विधानसभाओं की है, जहाँ निर्णय लेने वाली कुर्सियों पर महिलाओं की संख्या बेहद कम है।

नारीवादी आंदोलन और सत्ता की माँग

नारीवादी आंदोलनों ने शुरू से ही महिलाओं के समान अधिकारों और अवसरों की माँग की। इन आंदोलनों का मानना है कि जब तक महिलाओं का सत्ता के केन्द्रों पर नियंत्रण नहीं होता, उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। सत्ता में भागीदारी के बिना नीतियाँ पुरुष-केंद्रित ही रहती हैं। यह माँग इस बात को रेखांकित करती है कि राजनीतिक समानता के बिना सामाजिक और आर्थिक समानता अधूरी है।

भारत में महिलाओं का निम्न राजनीतिक प्रतिनिधित्व

भारत की बात करें तो स्थिति चिंताजनक है। 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार महिला सांसदों का प्रतिशत 14.36% तक पहुँचा। यह एक रिकॉर्ड है, लेकिन क्या यह पर्याप्त है? राज्य विधानसभाओं में तो यह आँकड़ा 5% से भी कम है। इसका मतलब है कि हमारे कानून बनाने वाली संस्थाओं में पुरुषों का भारी बहुमत है। इतना ही नहीं, हम अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई विकासशील देशों से भी पीछे हैं, जहाँ महिला प्रतिनिधित्व का स्तर हमसे बेहतर है।

मंत्रिमंडलों में तो स्थिति और भी खराब है। केन्द्र और राज्यों की सरकारों में शीर्ष मंत्री पदों पर पुरुषों का ही दबदबा रहता है। महिलाओं को अक्सर अपेक्षाकृत कम प्रभावशाली विभाग दिए जाते हैं। यह एक प्रकार की संस्थागत पक्षपात है जो महिलाओं की नीतियों को प्रभावित करने की क्षमता को सीमित करती है।

आरक्षण की माँग और संवैधानिक प्रावधान

इस असमानता को दूर करने के लिए निर्वाचित संस्थाओं में महिलाओं के लिए कानूनी आरक्षण की माँग जोर पकड़ती गई। सबसे पहले पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं में यह सुधार हुआ। संविधान के 73वें और 74वें संशोधन (1992) के तहत इन स्थानीय निकायों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गईं। इस कदम के क्रांतिकारी परिणाम सामने आए—आज देशभर में 10 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं। यह एक सशक्तिकरण की मिसाल है, लेकिन उच्च स्तर पर अभी भी अड़चनें थीं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण का विधेयक दशकों से लंबित था। आखिरकार सितंबर 2023 में इसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम 2023) के रूप में पारित कर दिया गया। इस ऐतिहासिक कानून के तहत लोकसभा, सभी राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। हालाँकि, इसका क्रियान्वयन परिसीमन के बाद ही होगा, फिर भी इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की जबरदस्त उम्मीद है।

क्या लैंगिक विभाजन का राजनीतिकरण जरूरी है?

कुछ आलोचक सवाल उठाते हैं कि क्या लैंगिक पहचान को राजनीतिक रूप देना उचित है? क्या इससे समाज में और विभाजन नहीं बढ़ेगा? लेकिन इतिहास गवाह है कि आरक्षण जैसे सकारात्मक कदमों ने वंचित समूहों को मुख्यधारा में लाने में मदद की है। जब सामाजिक विभाजन पहले से मौजूद हों, तो उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर ही न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। यही कारण है कि महिला आरक्षण को केवल संख्या बढ़ाने के बजाय लोकतंत्र को गहरा करने वाला कदम माना जा रहा है।

👨🏫 शिक्षक की सलाह: इस पाठ में 73वाँ-74वाँ संशोधन, पंचायतों में एक-तिहाई आरक्षण के नतीजे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 की मुख्य बातें बोर्ड परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं। ध्यान रखें कि स्थानीय निकायों में आरक्षण पहले से लागू है जबकि संसद-विधानसभाओं के लिए नया कानून आया है। महत्वपूर्ण प्रश्न: ‘महिला आरक्षण अधिनियम 2023 के प्रमुख प्रावधान क्या हैं?’ और ‘भारत में महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व की स्थिति का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।’ इन्हें अभ्यास करके ही जाएँ।
Slow
महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण - Quick Revission

Total Slides: 7

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 5 / 5 (1 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण - Interactive Quizzes

Total Questions: 17 | Total Marks: 25

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय के अन्य महत्वपूर्ण भाग:


मुख्य विषय पृष्ठ:

Share this:

Leave a Comment

×
Political Science

Available Courses

ASK