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भारत में प्रमुख खनिजों का वितरण (धात्विक एवं अधात्विक)

भारत में प्रमुख खनिजों का वितरण (धात्विक एवं अधात्विक) एक महत्वपूर्ण विषय है जो यह बताता है कि देश के विभिन्न भागों में खनिज संसाधन किस प्रकार असमान रूप से फैले हुए हैं। प्रायद्वीपीय पठारी भागों में कोयला, लोहा, मैंगनीज, बॉक्साइट, ताँबा, अभ्रक और चूना पत्थर जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि उत्तरी मैदान लगभग खनिज विहीन है। इस लेख में हम धात्विक एवं अधात्विक खनिजों के वितरण का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके रसोई के बर्तन, बिजली के तार, या सीमेंट से बनी इमारतें कहाँ से आती हैं? ये सभी वस्तुएँ खनिजों से बनती हैं। जैसे लोहे की कड़ाही लौह अयस्क से, ताँबे के तार ताँबा खनिज से, और सीमेंट चूना पत्थर से बनता है। ये खनिज भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में पाए जाते हैं, और इनका वितरण समान नहीं है। आइए जानें कि हमारे देश में ये बहुमूल्य खनिज कहाँ-कहाँ और क्यों पाए जाते हैं।

भारत में खनिजों का असमान वितरण

भारत में खनिजों का वितरण एक समान नहीं है। अधिकांश खनिज प्रायद्वीपीय पठार के प्राचीन चट्टानी क्षेत्रों में संकेंद्रित हैं। इसका मुख्य कारण भूगर्भीय संरचना है। खनिजों का वर्गीकरण तथा शैल समूहों में उपलब्धता के अनुसार, आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों में धात्विक खनिज अधिक मिलते हैं, जबकि अवसादी चट्टानों में अधात्विक खनिज जैसे चूना पत्थर और कोयला पाए जाते हैं। प्रायद्वीपीय पठार में धारवाड़ एवं कडप्पा शैल समूह कोयले और धात्विक खनिजों के विशाल भंडार रखते हैं। दूसरी ओर, उत्तर का विशाल जलोढ़ मैदान खनिज विहीन है, क्योंकि यह नदियों द्वारा लाई गई नवीन जलोढ़ मिट्टी से बना है।

प्रमुख धात्विक खनिज और उनका वितरण

लौह खनिज (Iron Ore)

लौह खनिज भारत में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण धात्विक खनिजों में से हैं। यह दो मुख्य रूपों में मिलता है: मैग्नेटाइट (70% लोहांश) और हेमेटाइट (50-60% लोहांश)। मैग्नेटाइट सर्वोत्तम किस्म का लौह अयस्क है, जबकि हेमेटाइट का उपयोग अधिक होता है। वर्ष 2018-19 के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल लौह अयस्क उत्पादन में ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड का 97% योगदान रहा।

भारत में लौह खनिज की चार प्रमुख पेटियाँ हैं:

  1. ओडिशा-झारखंड पेटी: ओडिशा के मयूरभंज और केंदूझर जिले तथा झारखंड का सिंहभूम जिला इस पेटी में आते हैं। यहाँ से अच्छी किस्म का हेमेटाइट निकलता है।
  2. दुर्ग-बस्तर-चन्द्रपुर पेटी: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का बेलाडिला क्षेत्र उच्च कोटि के हेमेटाइट के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से खनिज का निर्यात विशाखापट्टनम बंदरगाह से किया जाता है।
  3. बल्लारि-चित्रदुर्ग-चिक्कमगलूरु-तुमकूरु पेटी: कर्नाटक में स्थित यह पेटी विशाल भंडार रखती है। कुद्रेमुख खान 100% निर्यात इकाई है जहाँ से लौह अयस्क विदेशों को भेजा जाता है।
  4. महाराष्ट्र-गोवा पेटी: गोवा का मरमागाओ बंदरगाह इस क्षेत्र के लौह अयस्क के निर्यात का प्रमुख केंद्र है।

मैंगनीज (Manganese)

मैंगनीज का उपयोग मुख्यतः इस्पात उद्योग में होता है, एक टन इस्पात बनाने में लगभग 10 किलोग्राम मैंगनीज की आवश्यकता पड़ती है। इसका वितरण ओडिशा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में अधिक है। अन्य उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश शामिल हैं।

बॉक्साइट (Bauxite)

यह अलौह धातु है जो बहुत हल्की और घातवर्ध्य होती है। बॉक्साइट का निर्माण चट्टानों के विघटन और अपक्षय से होता है। भारत का सबसे बड़ा उत्पादक ओडिशा है, जहाँ से 65% बॉक्साइट प्राप्त होता है। पंचपतमाली (कोरापुट) क्षेत्र इसके लिए प्रसिद्ध है। अन्य उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, गुजरात और झारखंड हैं।

ताँबा (Copper)

ताँबा एक तन्य एवं सुचालक धातु है, जिसका उपयोग बिजली के तारों, मिश्रधातुओं आदि में होता है। भारत में ताँबे की प्रमुख खानें हैं: मध्य प्रदेश का बालाघाट (52% उत्पादन), झारखंड का सिंहभूम और राजस्थान का खेतड़ी।

प्रमुख अधात्विक खनिज

अभ्रक (Mica)

अभ्रक एक पारदर्शी खनिज है जो पतली प्लेटों में विपाटित (विभाजित) किया जा सकता है। इसकी ऊष्मा और विद्युत रोधन क्षमता के कारण यह विद्युत उद्योग में अनिवार्य है। भारत विश्व का अग्रणी अभ्रक उत्पादक रहा है। प्रमुख पेटी क्षेत्र हैं: कोडरमा-गया-हजारीबाग (बिहार-झारखंड), राजस्थान का अजमेर और आंध्र प्रदेश का नेल्लोर।

चूना पत्थर (Limestone)

चूना पत्थर का उपयोग सीमेंट उद्योग एवं लोहा एवं इस्पात के प्रगलन (smelting) में होता है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।

👨‍🏫 शिक्षक की सलाह: बच्चों, इस अध्याय में लौह खनिज की चार प्रमुख पेटियों को याद करना बहुत जरूरी है, विशेषकर ओडिशा-झारखंड पेटी और बल्लारि-चित्रदुर्ग पेटी। परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि “भारत में लौह अयस्क की प्रमुख पेटियों का वर्णन करें” या “बॉक्साइट के उत्पादक राज्य कौन-से हैं?”। साथ ही, अभ्रक और चूना पत्थर के उपयोग एवं वितरण को भी नोट कर लें। मानचित्र कार्य के लिए इन क्षेत्रों की स्थिति का अभ्यास करें।
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