🎓 Log in to save your performance and get free courses in Hindi

Install our UP Board App. Less than 2 MB.

खनिज: परिचय एवं महत्व U.P Board Class 10 Geography

खनिज (Minerals) पृथ्वी की भूपर्पटी पर प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वे अकार्बनिक ठोस पदार्थ हैं, जो रासायनिक रूप से समरूप होते हैं तथा जिनकी आंतरिक परमाणु संरचना सुव्यवस्थित एवं निश्चित होती है। हमारे दैनिक जीवन का शायद ही कोई पहलू ऐसा हो जो खनिजों पर निर्भर न करता हो। इस उप-पाठ में हम खनिजों के परिचय एवं महत्व को समझेंगे।

सोचिए, सुबह अलार्म बजने से लेकर रात को सोने तक आप कितने खनिज उत्पादों का उपयोग करते हैं। आपका बिस्तर (लोहे एवं एल्युमिनियम का फ्रेम), चादर (कॉटन उत्पादन में उर्वरक खनिजों का उपयोग), बाथरूम की टाइलें (सिरेमिक, जो मिट्टी के खनिजों से बनती हैं), टूथब्रश-पेस्ट, साबुन, बर्तन, भोजन, वाहन, सड़क, बिजली के उपकरण—प्रत्येक वस्तु किसी-न-किसी खनिज से निर्मित है। आइए, विस्तार से जानें।

खनिज की भू-वैज्ञानिक परिभाषा

भू-वैज्ञानिक दृष्टि से खनिज की पहचान निम्नलिखित विशेषताओं से होती है:

  • यह प्राकृतिक रूप से निर्मित (Naturally occurring) होता है, मानवकृत नहीं।
  • यह ठोस (Solid) अवस्था में होता है (पारा अपवाद है, जो द्रव रूप में भी खनिज माना जाता है)।
  • इसकी रासायनिक संरचना (Chemical composition) निश्चित होती है, या एक सीमित सीमा में परिवर्तनशील होती है।
  • इसके परमाणु एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित होते हैं, जिससे एक क्रिस्टलीय (Crystalline) ढाँचा बनता है।
  • यह अकार्बनिक (Inorganic) उत्पत्ति का होता है, यद्यपि कुछ जैविक पदार्थ जैसे मोती, कोयला आदि को कभी-कभी खनिज की श्रेणी में रखा जाता है।

यह परिभाषा खनिजों को चट्टानों से अलग करती है; चट्टान, खनिजों का मिश्रण होती हैं। खनिज कई रूपों में मिलते हैं—अत्यधिक कठोर हीरे से लेकर अत्यंत कोमल टैल्कम (साबुन के पत्थर) तक। इनकी कठोरता मोह कठोरता पैमाने (Mohs scale) से मापी जाती है। खनिज तत्त्व या यौगिक हो सकते हैं, जैसे सोना (तत्त्व), क्वार्ट्ज (SiO₂) एक यौगिक खनिज है। भारत में विभिन्न प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जिनका वर्गीकरण और वितरण आगामी उप-पाठों में विस्तार से जानेंगे ।

दैनिक जीवन में खनिजों का सर्वव्यापी योगदान

एक छोटी-सी सुई से लेकर विशाल हवाई जहाज तक, खनिज हमारे हर उपकरण का मूल आधार हैं। हमारे घरों की इमारतें ईंट, सीमेंट, गिट्टी, सरिया आदि से बनती हैं, जो चिकनी मिट्टी, चूना पत्थर, और लौह अयस्क जैसे खनिजों से तैयार होते हैं। सड़कों पर बिछी डामर की परतें पेट्रोलियम अवशेषों से बनती हैं; रेलवे लाइन की पटरी और पुल लोहे व इस्पात के होते हैं। परिवहन के साधन—साइकिल, कार, बस, ट्रक, रेलगाड़ी, जहाज और वायुयान—सभी में भारी मात्रा में इस्पात, एल्यूमिनियम, ताँबा, जस्ता, सीसा, निकिल, टाइटेनियम आदि धात्विक खनिजों का उपयोग होता है। यहाँ तक कि इन वाहनों के टायरों में कार्बन ब्लैक (पेट्रोलियम उत्पाद) और जिंक ऑक्साइड (जिंक खनिज) डाला जाता है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टीवी जैसे इलैक्ट्रॉनिक उपकरण दुर्लभ धरती तत्त्वों (Rare Earth Elements) जैसे नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम आदि पर निर्भर करते हैं, जो खनिज ही हैं। सौन्दर्य प्रसाधनों (Cosmetics) में टैल्कम, अभ्रक, टिटेनियम डाइऑक्साइड आदि खनिजों का उपयोग रंगत और चमक के लिए किया जाता है। दवाइयों में एंटासिड के रूप मे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (मैग्नेसाइट खनिज से) और कैल्शियम सप्लीमेंट (चूना पत्थर से) दिये जाते हैं।

दंतमंजन: खनिजों का एक अनूठा मिश्रण

आप प्रतिदिन जिस दंतमंजन का उपयोग करते हैं, उसमें कई खनिज घटक होते हैं। आइए, इनकी सूची और कार्य देखें:

खनिज/यौगिक स्रोत खनिज दंतमंजन में कार्य
सिलिका (SiO₂) क्वार्ट्ज, बालू अपघर्षक (Abrasive) का काम करता है, जो दाँतों से मैल हटाता है।
चूना पत्थर/कैल्शियम कार्बोनेट चूना पत्थर, संगमरमर हल्का अपघर्षक और कैल्शियम का स्रोत।
एल्यूमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) बॉक्साइट, कोरंडम पॉलिशिंग एजेंट, दाँतों को चमक देता है।
फॉस्फेट एपेटाइट, फॉस्फोराइट दाँतों की इनेमल को मजबूत करता है।
फ्लूओराइड (F⁻) फ्लूओराइट (CaF₂) कैविटी/कीड़ा रोकने में सहायक, इनेमल की पुनर्खनिजीकरण में मदद।
टिटेनियम डाइऑक्साइड (TiO₂) रूटाइल, इल्मेनाइट, एनाटेज अपारदर्शिता और सफेदी प्रदान करता है।

इसके अलावा, टूथब्रश की हैंडल और ब्रिसल्स नायलॉन/प्लास्टिक की होती है, और पेस्ट की ट्यूब भी प्लास्टिक-धातु मिश्रित होती है। प्लास्टिक का कच्चा माल पेट्रोलियम है, जो एक खनिज ईंधन है । इस प्रकार, एक छोटी-सी दाँत-सफाई की प्रक्रिया में ही अनेक खनिजों का योगदान निहित है।

भोजन में खनिज एवं उनका शारीरिक महत्व

हम जो भोजन करते हैं, उसमें कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन के साथ-साथ खनिज लवण भी होते हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि हमारे द्वारा ग्रहण किए जाने वाले कुल पोषक तत्त्वों का मात्र 0.3% खनिज होते हैं, फिर भी इनकी अनुपस्थिति में शेष 99.7% भोजन का शरीर में उचित उपयोग नहीं हो पाता। यह वैसे ही है जैसे गाड़ी में ईंधन तो भरपूर हो, किंतु इंजन ऑयल की कमी हो—गाड़ी चल नहीं पाएगी। प्रमुख खनिज तत्त्व जो भोजन से प्राप्त होते हैं, उनके स्रोत और कमीं से होने वाले रोग इस प्रकार हैं:

  • कैल्शियम: दूध, दही, हरी सब्जियाँ; कमी से रिकेट्स, ऑस्टियोपोरोसिस।
  • फॉस्फोरस: अनाज, मांस, अंडा; हड्डियों-दाँतों की मजबूती।
  • लोहा: हरी पत्तेदार सब्जियाँ, गुड़, मांस; कमी से एनीमिया।
  • जस्ता (Zinc): मेवे, बीज, फलियाँ; प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक।
  • आयोडीन: आयोडीनयुक्त नमक, समुद्री खाद्य; कमी से घेघा रोग (Goitre)।
  • सोडियम/पोटैशियम: सामान्य नमक, फल, सब्जियाँ; शरीर में जल संतुलन और तंत्रिका आवेगों में सहायक।

ये खनिज विभिन्न एंजाइमों, हार्मोनों और कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होते हैं। अतः, पोषण विज्ञान में खनिजों की भूमिका अपरिहार्य है।

मानव सभ्यता का विकास और खनिज

मानव सभ्यता के इतिहास में खनिजों ने केन्द्रीय भूमिका निभाई है। प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक युग तक, मानव की प्रगति खनिजों के उपयोग से गहराई से जुड़ी रही है।

  • पाषाण युग: मानव ने चकमक पत्थर, क्वार्ट्ज जैसे कड़े पत्थरों के औजार बनाकर शिकार और कृषि प्रारंभ की।
  • ताम्र युग: ताँबा (Copper) धातु की खोज ने धातु-युग का सूत्रपात किया। ताँबे के हथियार और उपकरण अधिक मजबूत व टिकाऊ थे।
  • कांस्य युग: ताँबे में टिन मिलाकर कांस्य (Bronze) मिश्रधातु बनाई गई, जिससे उन्नत औजार, बर्तन और मूर्तियाँ बनने लगीं। सिंधु घाटी सभ्यता इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • लौह युग: लोहे के उपयोग ने कृषि, युद्ध और निर्माण में क्रांति ला दी। लोहे के हल, तलवारें और इमारतें मानव सभ्यता को नई दिशा देने लगीं।

आज का युग ‘सूचना युग’ है, जो सिलिकॉन (बालू का खनिज) पर आधारित कंप्यूटर चिप्स, और लीथियम (बैटरी खनिज) जैसे खनिजों के बिना संभव नहीं होता। अतः, खनिजों ने हर युग में मानव विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

खनिज हमारी सभ्यता की रीढ़ हैं। इनके बिना हमारा आधुनिक जीवन ठहर जाएगा। इसलिए, इनका संरक्षण और विवेकपूर्ण दोहन अत्यंत आवश्यक है (खनन के प्रभाव एवं संरक्षण देखें)।

👨🏫 शिक्षक की सलाह: प्रिय विद्यार्थियों, इस उप-पाठ से बोर्ड परीक्षा में प्रायः लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे— “खनिज की परिभाषा दीजिए और कोई दो विशेषताएँ लिखिए।” या “दैनिक जीवन में खनिजों के चार उपयोग बताइए।” विशेष रूप से दंतमंजन में प्रयुक्त खनिजों की सूची और उनके कार्य याद रखें। भोजन में खनिजों का 0.3% महत्त्व का प्रश्न भी महत्त्वपूर्ण है। साथ ही, खनिजों और चट्टानों के अंतर को स्पष्ट कीजिए।
Slow
खनिज: परिचय एवं महत्व Interactive Quiz

Total Slides: 10

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 0 / 5 (0 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon खनिज: परिचय एवं महत्व - प्रश्नोत्तरी

Total Questions: 18 | Total Marks: 30

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय के अन्य महत्वपूर्ण भाग:


मुख्य विषय पृष्ठ:

Share this:

Leave a Comment

×
Geography

Available Courses

ASK