🎓 Log in to save your performance and get free courses
My Course My Report Log In

Install the QSH India App

⭐ Thousands of students installed

भाग 3: पीएच स्केल और अम्ल क्षारक की प्रबलता – UP Board Class 10 Science

आज हम एक बहुत ही दिलचस्प विषय पर बात करने वाले हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि हम नींबू का रस या सिरका तो बड़े चाव से खा लेते हैं, जो कि अम्ल होते हैं, लेकिन बैटरी में इस्तेमाल होने वाले सल्फ्यूरिक अम्ल को हम छू भी नहीं सकते? ऐसा क्यों होता है? इसका सीधा सा जवाब है—उनकी ‘ताकत’ या ‘प्रबलता’ का अलग-अलग होना। कोई अम्ल बहुत खतरनाक (प्रबल) होता है, तो कोई बहुत कमजोर (दुर्बल)।

लेकिन विज्ञान में हम सिर्फ अंदाजा लगाकर काम नहीं कर सकते। हमें यह मापने के लिए एक पक्के पैमाने की जरूरत होती है कि कोई रसायन कितना खट्टा है या कितना कड़वा। आज हम उसी वैज्ञानिक पैमाने के बारे में गहराई से जानेंगे।

सार्वत्रिक सूचक: रसायनों की सही पहचान

हमने पिछले भागों में लिटमस पेपर के बारे में पढ़ा था, जो सिर्फ यह बताता है कि कोई विलयन अम्ल है या क्षारक। लेकिन वह यह नहीं बता सकता कि वह कितना ताकतवर अम्ल है। इसके लिए वैज्ञानिक सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) का उपयोग करते हैं। यह कई सारे सूचकों का एक खास मिश्रण होता है, जो हाइड्रोजन आयनों की अलग-अलग सांद्रता (मात्रा) के आधार पर अलग-अलग रंग दिखाता है।

पीएच स्केल और अम्ल क्षारक की प्रबलता का पैमाना

किसी भी विलयन में मौजूद हाइड्रोजन आयनों (H+) की सांद्रता को सटीक रूप से मापने के लिए वैज्ञानिकों ने एक पैमाना बनाया, जिसे पीएच स्केल (pH Scale) कहा जाता है।

पीएच (pH) में ‘p’ का क्या अर्थ है?

पीएच (pH) में जो ‘p’ अक्षर है, वह एक जर्मन शब्द ‘पुसांस’ (Potenz) से लिया गया है। इस शब्द का सीधा सा अर्थ होता है ‘शक्ति’ (Power)। यानी यह पैमाना हाइड्रोजन आयन की शक्ति को मापता है।

इस पीएच स्केल और अम्ल क्षारक की प्रबलता को मापने के कुछ बहुत ही आसान नियम हैं:

  • इस स्केल पर 0 से लेकर 14 तक के अंक छपे होते हैं।
  • यदि किसी विलयन का पीएच मान ठीक 7 है, तो वह बिल्कुल उदासीन विलयन (Neutral) है। (जैसे हमारा पीने वाला शुद्ध पानी)।
  • यदि पीएच मान 7 से कम है, तो वह विलयन अम्लीय होगा। मान जितना शून्य (0) के करीब जाएगा, अम्ल उतना ही प्रबल (Strong) होता जाएगा।
  • यदि पीएच मान 7 से अधिक (14 तक) है, तो वह विलयन क्षारकीय होगा। मान जितना 14 के करीब जाएगा, क्षारक उतना ही ताकतवर होगा।
👨‍🏫 शिक्षक की सलाह: बोर्ड परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि “पीएच स्केल पर हाइड्रोजन आयन सांद्रता का क्या प्रभाव पड़ता है?” हमेशा याद रखें कि यह एक उल्टा खेल है—किसी घोल में हाइड्रोजन आयन (H+) जितने अधिक होंगे, उसका पीएच मान उतना ही कम होगा! जठर रस (पेट का अम्ल) का पीएच लगभग 1.2 होता है, जबकि नींबू के रस का लगभग 2.2 होता है।

प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक में अंतर

अम्ल तथा क्षारक की शक्ति पानी में घुलकर क्रमशः H+ आयन तथा OH आयन उत्पन्न करने की संख्या पर निर्भर करती है।

जो अम्ल पानी में घुलकर बहुत अधिक मात्रा में H+ आयन देते हैं, उन्हें प्रबल अम्ल (Strong Acids) कहते हैं, जैसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)। इसके विपरीत, जो अम्ल कम मात्रा में H+ आयन उत्पन्न करते हैं, वे दुर्बल अम्ल (Weak Acids) कहलाते हैं, जैसे सिरके में पाया जाने वाला ऐसीटिक अम्ल। बिल्कुल यही नियम क्षारकों पर भी लागू होता है।

अब खेलें: प्रबलता और पीएच स्केल क्विज़

यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी समझ को परखें!

Slow
महत्वपूर्ण विज्ञान परिभाषाएँ और व्याख्या

Total Slides: 7

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 5 / 5 (1 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon पीएच स्केल और प्रबलता (Class 10 Science)

Total Questions: 14 | Total Marks: 22

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय 2 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:

मुख्य विषय पृष्ठ:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×
Science

Available Courses

ASK