विज्ञान की हमारी आज की इस रोमांचक कक्षा में आपका स्वागत है। पिछले भाग में हमने देखा था कि कार्बन और हाइड्रोजन कितने पक्के दोस्त हैं। ये दोनों मिलकर ‘हाइड्रोकार्बन’ नाम की एक पूरी दुनिया बनाते हैं। लेकिन कार्बन एक बहुत ही मिलनसार तत्व है। यह केवल हाइड्रोजन के साथ ही खुश नहीं रहता, बल्कि ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर और हैलोजन (क्लोरीन, ब्रोमीन) जैसे अन्य तत्वों के साथ भी गहरी दोस्ती कर लेता है।
जब ये नए तत्व कार्बन की श्रृंखला में आते हैं, तो वे उस यौगिक के पूरे स्वभाव को ही बदल देते हैं। आज हम जानेंगे कि कैसे एक छोटा सा ‘समूह’ कार्बन की पूरी चेन के गुणधर्मों को तय करता है और कैसे रसायनों का एक पूरा ‘परिवार’ (समजातीय श्रेणी) बनता है[cite: 1230, 1238, 1249]!
विषम परमाणु और प्रकार्यात्मक समूह
हाइड्रोकार्बन की श्रृंखला में, जब कोई अन्य तत्व (जैसे क्लोरीन या ऑक्सीजन) एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणुओं को हटाकर खुद उनकी जगह ले लेता है, तो ऐसे तत्व को विषम परमाणु (Heteroatom) कहते हैं [cite: 1232, 1233]।
अक्सर ये विषम परमाणु अकेले नहीं होते, बल्कि परमाणुओं के एक गुच्छे (समूह) के रूप में होते हैं। यह समूह इतना ताकतवर होता है कि यह पूरे कार्बन यौगिक को अपने विशेष गुण (Physical and Chemical properties) दे देता है। कार्बन श्रृंखला की लंबाई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यौगिक के गुण इसी समूह पर निर्भर करते हैं [cite: 1238, 1239, 1248]। इसलिए इन समूहों को प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) कहा जाता है [cite: 1239]。
कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकार्यात्मक समूह
विज्ञान की प्रयोगशाला और हमारे दैनिक जीवन में काम आने वाले कुछ प्रमुख समूह निम्नलिखित हैं[cite: 1240, 1243]:
- हैलो समूह (Halo group): इसमें क्लोरीन (-Cl) या ब्रोमीन (-Br) आते हैं। हाइड्रोजन को हटाकर ये क्लोरो या ब्रोमो यौगिक बनाते हैं [cite: 1244]।
- एल्कोहल (Alcohol): इसका सूत्र -OH होता है [cite: 1244]। जिस भी हाइड्रोकार्बन के पीछे -OH लग जाता है, वह एल्कोहल बन जाता है (जैसे एथनॉल – शराब का मुख्य हिस्सा)।
- ऐल्डिहाइड (Aldehyde): इसका सूत्र -CHO होता है [cite: 1244]।
- कीटोन (Ketone): इसका सूत्र -CO- होता है [cite: 1244]। यह श्रृंखला के बीच में पाया जाता है।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic Acid): इसका सूत्र -COOH होता है [cite: 1244]। सिरके (Vinegar) में पाया जाने वाला एथेनॉइक अम्ल इसी समूह का सदस्य है।
समजातीय श्रेणी: रसायनों का एक अनोखा परिवार
मान लीजिए एक ही परिवार के बहुत सारे सदस्य हैं। उन सभी का सरनेम (उपनाम) एक ही है, इसलिए उन सबके संस्कार और आदतें भी लगभग एक जैसी हैं। रसायन विज्ञान में भी बिल्कुल ऐसा ही होता है।
कार्बन यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें सभी सदस्यों में एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह जुड़ा होता है, उसे समजातीय श्रेणी (Homologous Series) कहते हैं [cite: 1249]।
उदाहरण के लिए, एल्कोहल परिवार (समजातीय श्रेणी) को देखिए[cite: 1248, 1286]:
- मेथेनॉल (CH3OH)
- एथेनॉल (C2H5OH)
- प्रोपेनॉल (C3H7OH)
- ब्यूटेनॉल (C4H9OH)
समजातीय श्रेणी की 3 जादुई विशेषताएँ
इस श्रेणी के बारे में विज्ञान के कुछ बहुत ही दिलचस्प नियम हैं[cite: 1251, 1262, 1276]:
- -CH2 का अंतर: यदि आप इस श्रेणी के किन्हीं भी दो लगातार सदस्यों (जैसे एथेनॉल और प्रोपेनॉल) को देखेंगे, तो उनके बीच हमेशा ठीक -CH2 इकाई (एक कार्बन और दो हाइड्रोजन) का अंतर होता है [cite: 1258, 1268]।
- 14 u का द्रव्यमान: चूँकि कार्बन का द्रव्यमान 12 u और हाइड्रोजन का 1 u होता है, इसलिए -CH2 का कुल द्रव्यमान 14 u होता है। इसका मतलब है कि समजातीय श्रेणी का हर अगला सदस्य अपने पिछले सदस्य से वजन में 14 u भारी होता है [cite: 1265, 1274]।
- समान रासायनिक गुण: परिवार (श्रेणी) के सभी सदस्यों का प्रकार्यात्मक समूह एक ही होता है, इसलिए उन सभी के रासायनिक गुणधर्म बिल्कुल एक जैसे होते हैं [cite: 1248, 1276]। हाँ, जैसे-जैसे उनका वजन (आणविक द्रव्यमान) बढ़ता है, उनके गलनांक और क्वथनांक (भौतिक गुण) में धीरे-धीरे वृद्धि होने लगती है [cite: 1274, 1275]।
अब खेलें: प्रकार्यात्मक समूह और समजातीय श्रेणी क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी तैयारी को पक्का करें!
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अध्याय 4 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: कार्बन में सहसंयोजी आबंध और उसके अपररूप
- भाग 2: कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति: संतृप्त और असंतृप्त यौगिक
- You are Reading Here: प्रकार्यात्मक समूह और समजातीय श्रेणी का रहस्य
- भाग 4: कार्बन यौगिकों की नामपद्धति (नामकरण)
- भाग 5: कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (दहन और ऑक्सीकरण)
- भाग 6: एथनॉल, एथेनॉइक अम्ल और साबुन-अपमार्जक की सफाई प्रक्रिया