🎓 Log in to save your performance and get free courses
My Course My Report Log In

Install the QSH India App

⭐ Thousands of students installed

भाग 1: जीवों में जनन क्यों आवश्यक है और डीएनए प्रतिकृति का महत्व

हम सब जानते हैं कि जिंदा रहने के लिए खाना खाना, सांस लेना और शरीर से कचरा बाहर निकालना बहुत जरूरी है। अगर कोई जीव इनमें से कोई एक काम भी बंद कर दे, तो उसकी मृत्यु हो जाएगी। लेकिन ‘जनन’ (संतान पैदा करना) जीवित रहने के लिए जरूरी नहीं है। एक जीव बिना जनन किए भी अपना पूरा जीवन जी सकता है!

फिर जीव अपना इतना समय और ऊर्जा नई संतान पैदा करने में क्यों खर्च करते हैं? इसका जवाब है—अपनी प्रजाति का नाम दुनिया में बनाए रखने के लिए। अगर जनन बंद हो जाए, तो वह प्रजाति पृथ्वी से हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। आइए जानते हैं कि जब कोई जीव नई संतान पैदा करता है, तो उसके शरीर की कोशिकाओं के अंदर क्या-क्या होता है।

क्या जीव पूर्णतः अपने माता-पिता के समान होते हैं?

आपने देखा होगा कि बिल्ली का बच्चा हमेशा बिल्ली जैसा ही दिखता है और आम के बीज से हमेशा आम का पेड़ ही निकलता है। ऐसा क्यों होता है? इसका रहस्य हमारी कोशिकाओं के अंदर छिपा है।

हर जीव के शरीर की कोशिकाओं के केंद्रक में ‘गुणसूत्र’ (क्रोमोसोम) पाए जाते हैं। इन गुणसूत्रों के अंदर एक बहुत ही खास रसायन होता है जिसे डीएनए कहते हैं। यह डीएनए हमारे शरीर की बनावट और गुणों का ‘ब्लूप्रिंट’ या नक्शा है। इसी नक्शे के आधार पर शरीर में प्रोटीन बनता है। अगर डीएनए का नक्शा बदल जाए, तो बनने वाला प्रोटीन बदल जाएगा, जिससे जीव की शारीरिक बनावट भी बदल जाएगी।

जनन के दौरान कोशिका में क्या प्रक्रिया होती है?

जनन की सबसे पहली और मुख्य घटना कोशिका के अंदर डीएनए की प्रतिकृति (डीएनए की कॉपी) बनाना है। जब एक कोशिका बँटकर नई संतान बनाना शुरू करती है, तो वह सबसे पहले अपने डीएनए के नक्शे की एक हूबहू कॉपी तैयार करती है।

लेकिन सिर्फ डीएनए की कॉपी बनाने से काम नहीं चलता, क्योंकि उस डीएनए को जिंदा रखने के लिए कोशिका के दूसरे अंगों की भी जरूरत होती है। इसलिए डीएनए की कॉपी बनने के साथ-साथ कोशिका के अंदर नई मशीनों (कोशिका के अंगों) का भी निर्माण होता है। इसके बाद ये दोनों डीएनए अलग हो जाते हैं और एक कोशिका बँटकर दो नई कोशिकाओं में बदल जाती है।

क्या डीएनए की नई कॉपी बिल्कुल शत-प्रतिशत समान होती है?

विज्ञान का एक बहुत बड़ा नियम है कि कोई भी ‘जैव-रासायनिक प्रक्रिया’ कभी भी 100 प्रतिशत भरोसेमंद या सटीक नहीं होती। जब डीएनए अपनी कॉपी बना रहा होता है, तो उसमें कुछ न कुछ छोटी-मोटी गलतियां (बदलाव) आ ही जाती हैं। इन्हीं बदलावों को विज्ञान में विभिन्नता कहा जाता है। यही कारण है कि बच्चे अपने माता-पिता के जैसे तो दिखते हैं, लेकिन उनकी बिल्कुल 100% कार्बन कॉपी नहीं होते।

जीवों के लिए विभिन्नता का क्या महत्व है?

विभिन्नता प्रकृति का एक बहुत बड़ा वरदान है। सभी जीव अपनी क्षमता के अनुसार पर्यावरण में अपनी एक जगह बना लेते हैं, जिसे निकेत कहा जाता है। लेकिन पर्यावरण हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी तापमान बहुत बढ़ जाता है, तो कभी पानी सूख जाता है।

मान लीजिए, किसी तालाब में कुछ जीवाणु रहते हैं और अचानक बहुत अधिक गर्मी पड़ने से तालाब का पानी खौलता हुआ गर्म हो जाए। ऐसी स्थिति में लगभग सारे जीवाणु मर जाएंगे। लेकिन अगर जनन के दौरान कुछ जीवाणुओं के डीएनए में ‘विभिन्नता’ आ गई थी जिसने उन्हें ‘गर्मी सहने की ताकत’ दे दी थी, तो वे बच जाएंगे! इसलिए विभिन्नता किसी भी प्रजाति को बदलते हुए पर्यावरण में नष्ट होने से बचाती है।

अब खेलें: जनन और डीएनए विज्ञान क्विज़

अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और जनन के विज्ञान तथा डीएनए के महत्व पर आधारित इन 20 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें!

Slow
महत्वपूर्ण विज्ञान परिभाषाएँ और व्याख्या

Total Slides: 7

From: To:

Rate this Quiz

Average Rating: 5 / 5 (3 votes)

Click on a star to rate:

Slow
Quiz Icon जनन और डीएनए प्रतिकृति (Class 10 Science)

Total Questions: 20 | Total Marks: 28

Leaderboard (Last 30 Days)

Loading...

अध्याय 7 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:

मुख्य विषय पृष्ठ:

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×
Science

Available Courses

ASK