यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 1 के इस अंतिम भाग में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। हमने पिछले भाग में ‘उपचयन’ (ऑक्सीजन का जुड़ना) के बारे में पढ़ा था। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह उपचयन हमारे दैनिक जीवन में क्या असर डालता है?
जरा याद कीजिए, जब हम बाजार से लोहे की कोई नई वस्तु लाते हैं तो वह कितनी चमकदार होती है। लेकिन कुछ समय बाद उस पर लाल या भूरे रंग की परत चढ़ जाती है। इसी तरह, अगर तली हुई चीजों या नमकीन को कई दिनों तक खुला छोड़ दिया जाए, तो उनके स्वाद और गंध में अजीब सा बदलाव आ जाता है। ये दोनों ही घटनाएँ उपचयन के कारण होती हैं। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।
संक्षारण: धातुओं का प्राकृतिक क्षय
जब कोई धातु अपने आस-पास मौजूद नमी, हवा (ऑक्सीजन) या अम्ल के संपर्क में आती है, तो वह धीरे-धीरे गलने या खराब होने लगती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। लोहे पर जंग लगना संक्षारण का सबसे आम उदाहरण है।
संक्षारण केवल लोहे तक सीमित नहीं है। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि चाँदी के आभूषण कुछ समय बाद काले क्यों पड़ जाते हैं? या तांबे के पुराने बर्तनों पर हरे रंग की परत क्यों जम जाती है? चाँदी पर काली परत और तांबे पर हरी परत का चढ़ना भी संक्षारण के ही उदाहरण हैं।
विकृतगंधिता: वसायुक्त भोजन का खराब होना
क्या आपने कभी कई दिनों तक रखा हुआ कोई तेल या घी वाला भोजन खाया है? उसका स्वाद कड़वा और गंध बहुत अजीब हो जाती है। जब तेल या वसा (Fat) हवा की ऑक्सीजन के संपर्क में आकर उपचयित हो जाती है, तो वह खराब होने लगती है। भोजन के इस तरह खराब होकर बदबूदार हो जाने की घटना को विकृतगंधिता कहते हैं।
विकृतगंधिता को रोकने के उपाय
चूँकि यह भोजन के ऑक्सीजन से मिलने के कारण होता है, इसलिए इसे रोकने के लिए हमें भोजन को ऑक्सीजन से दूर रखना पड़ता है। इसके लिए हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:
- प्रति-ऑक्सीकारक का उपयोग: भोजन में ऐसे पदार्थ मिलाए जाते हैं जो उपचयन को रोकते हैं।
- वायुरोधी बर्तन: भोजन को ऐसे डिब्बों में रखना जहाँ हवा आसानी से न जा सके।
- रेफ्रिजरेटर का उपयोग: ठंडे तापमान में उपचयन की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है।
अब खेलें: संक्षारण और विकृतगंधिता क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के इस अंतिम भाग पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी तैयारी को पक्का करें!
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अध्याय 1 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: रासायनिक अभिक्रियाओं की पहचान और विशेषताएं
- भाग 2: रासायनिक समीकरण लिखना और उन्हें संतुलित करना
- भाग 3: संयोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएं
- भाग 4: वियोजन अपघटन और ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं
- भाग 5: विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रियाएं
- भाग 6: उपचयन, अपचयन रेडॉक्स अभिक्रियाएं
- You are Reading Here: भाग 7: दैनिक जीवन में उपचयन के प्रभाव संक्षारण और विकृतगंधिता