पिछले भाग में हमने जाना था कि उत्तल और अवतल लेंस वस्तुओं का प्रतिबिंब कैसे बनाते हैं। लेकिन अगर हमें यह पता लगाना हो कि किसी विशेष चश्मे का नंबर (Power) क्या है, या परछाई ठीक कितने सेंटीमीटर दूर बनेगी, तो हमें गणितीय सूत्रों का सहारा लेना पड़ता है।
अध्याय 9 के इस अंतिम भाग में हम लेंस से जुड़े बहुत ही महत्वपूर्ण सूत्रों, आवर्धन और लेंस की क्षमता (Power of a Lens) के बारे में विस्तार से समझेंगे। बोर्ड परीक्षा में इस विषय से सवाल (Numericals) जरूर पूछे जाते हैं, इसलिए इसे ध्यान से पढ़ें!
गोलीय लेंसों के लिए चिह्न परिपाटी क्या है?
दर्पण की तरह ही लेंस के सवालों को हल करने के लिए भी नई कार्तीय चिह्न परिपाटी का उपयोग किया जाता है। बस इसमें एक छोटा सा अंतर यह है कि यहाँ सभी दूरियां लेंस के प्रकाशिक केंद्र (Optical Centre) से नापी जाती हैं।
- वस्तु (बिंब) को हमेशा लेंस के बायीं ओर रखा जाता है, इसलिए वस्तु की दूरी (u) हमेशा ऋणात्मक (-) होती है।
- फोकस दूरी का नियम: उत्तल लेंस की फोकस दूरी हमेशा धनात्मक (+) होती है, जबकि अवतल लेंस की फोकस दूरी हमेशा ऋणात्मक (-) होती है।
लेंस सूत्र क्या है और यह दर्पण सूत्र से कैसे अलग है?
लेंस सूत्र एक गणितीय फॉर्मूला है जो बिंब दूरी (u), प्रतिबिंब दूरी (v) और फोकस दूरी (f) के बीच संबंध बताता है।
लेंस सूत्र: 1/v – 1/u = 1/f
(ध्यान दें: दर्पण सूत्र में बीच में प्लस (+) का निशान होता है, जबकि लेंस सूत्र में बीच में माइनस (-) का निशान होता है।)
लेंस का आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं?
प्रतिबिंब वस्तु से कितना गुना बड़ा या छोटा बना है, इसे आवर्धन (m) कहते हैं। लेंस के आवर्धन का सूत्र इस प्रकार है:
- m = प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) / बिंब की ऊँचाई (h)
- m = v / u (दूरियों के आधार पर)
(ध्यान दें: दर्पण के आवर्धन सूत्र में -v/u होता है, लेकिन लेंस के आवर्धन सूत्र में यह धनात्मक v/u होता है।)
लेंस की क्षमता क्या होती है?
किसी भी लेंस द्वारा प्रकाश की किरणों को मोड़ने (इकट्ठा करने या फैलाने) की ताकत को लेंस की क्षमता (Power of a Lens) कहते हैं। जो लेंस किरणों को जितना ज्यादा मोड़ेगा, उसकी क्षमता उतनी ही अधिक होगी।
लेंस की क्षमता उसकी फोकस दूरी (f) की उल्टी (व्युत्क्रम) होती है।
लेंस की क्षमता का सूत्र: P = 1 / f (जहाँ फोकस दूरी हमेशा मीटर में होनी चाहिए)
लेंस की क्षमता का मात्रक क्या है?
लेंस की क्षमता को नापने वाले अंतर्राष्ट्रीय मात्रक (SI Unit) को डायोप्टर (Diopter) कहते हैं, जिसे ‘D’ अक्षर से दर्शाया जाता है।
- चूँकि उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक (+) होती है, इसलिए उत्तल लेंस की क्षमता हमेशा धनात्मक (+D) होती है। (जैसे +2.0 D)
- चूँकि अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक (-) होती है, इसलिए अवतल लेंस की क्षमता हमेशा ऋणात्मक (-D) होती है। (जैसे -1.5 D)
अगर आँखों के डॉक्टर आपको +2.0 D नंबर का चश्मा देते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको उत्तल लेंस का चश्मा दिया गया है जिसकी फोकस दूरी 0.5 मीटर है!
अब खेलें: लेंस सूत्र और क्षमता क्विज़
अब नीचे दिए गए ‘Play Quiz’ बटन पर क्लिक करें और लेंस सूत्र, आवर्धन, तथा डायोप्टर पर आधारित इन 20 महत्वपूर्ण विज्ञान प्रश्नों का अभ्यास करें!
Total Slides: 7
Total Questions: 20 | Total Marks: 32
Leaderboard (Last 30 Days)
अध्याय 9 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- भाग 1: प्रकाश का परावर्तन क्या है और गोलीय दर्पण कैसे कार्य करते हैं?
- भाग 2: गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
- भाग 3: दर्पण सूत्र क्या है और आवर्धन कैसे ज्ञात करते हैं?
- भाग 4: प्रकाश का अपवर्तन क्या है और अपवर्तनांक कैसे कार्य करता है?
- भाग 5: गोलीय लेंस क्या हैं और उनके द्वारा प्रतिबिंब कैसे बनते हैं?
- You are Reading Here: लेंस सूत्र क्या है और लेंस की क्षमता कैसे मापी जाती है?