नमस्कार विद्यार्थियों! विज्ञान की हमारी आज की कक्षा में आपका बहुत-बहुत स्वागत है। जरा सोचिए, अगर एक दिन के लिए आपके घर, स्कूल और पूरे शहर की बिजली कट जाए तो क्या होगा? टीवी, मोबाइल, पंखा, फ्रिज—सब कुछ बंद हो जाएगा और हमारी जिंदगी एकदम ठहर जाएगी!
आधुनिक समाज में ‘विद्युत’ (Electricity) का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यह ऊर्जा का एक ऐसा रूप है जिसे हम अपनी मर्जी से कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह बिजली आखिर तारों में बहती कैसे है? यह आती कहाँ से है? और एक छोटा सा स्विच दबाते ही पंखा कैसे घूमने लगता है?
इस बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण और अधिक अंकों वाले अध्याय को आसानी से समझने के लिए, मैंने इसे 4 छोटे-छोटे भागों में बाँट दिया है। आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके प्रत्येक विषय को गहराई से समझ सकते हैं:
- भाग 1: विद्युत धारा, परिपथ, विभव और विभवांतर क्या हैं?
- भाग 2: ओम का नियम क्या है और प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
- भाग 3: प्रतिरोधकों का संयोजन श्रेणीक्रम और पार्श्वक्रम में कैसे होता है?
- भाग 4: विद्युत धारा का तापीय प्रभाव और विद्युत शक्ति क्या है?
विद्युत धारा और परिपथ क्या है?
जिस तरह नदियों में पानी के बहने से ‘जल धारा’ बनती है, ठीक उसी तरह जब तारों (चालक) के अंदर ‘विद्युत आवेश’ (Charge) बहता है, तो उसे विद्युत धारा कहते हैं। लेकिन यह धारा अपने आप नहीं बह सकती। इसे बहने के लिए एक बंद और लगातार रास्ते की जरूरत होती है, जिसमें बैटरी, तार, स्विच और बल्ब जुड़े हों। बिजली के इस बंद रास्ते को विद्युत परिपथ कहा जाता है।
विभवांतर क्या होता है?
पानी हमेशा ऊँचाई से नीचे की तरफ बहता है। अगर पाइप बिल्कुल सीधा रखा हो, तो उसमें से पानी नहीं बहेगा। इसी तरह, तारों में भी बिजली (आवेश) अपने आप नहीं बहती। तारों के दोनों सिरों के बीच बिजली का एक ‘दबाव’ बनाना पड़ता है। इस दबाव के अंतर को विज्ञान की भाषा में विभवांतर कहते हैं। यह दबाव बनाने का काम सेल या बैटरी करती है।
ओम का नियम और प्रतिरोध क्या है?
जब किसी तार में बिजली बहती है, तो तार उस बिजली को बहने से रोकता है। बिजली को रोकने वाले इस गुण को प्रतिरोध कहते हैं। जर्मन वैज्ञानिक जॉर्ज साइमन ओम ने सबसे पहले यह नियम दिया था कि अगर हम बैटरी की ताकत (विभवांतर) बढ़ाएंगे, तो तारों में बहने वाली बिजली (धारा) भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी। इसे ही ओम का नियम कहते हैं।
विद्युत धारा का तापीय प्रभाव क्या है?
क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब पंखा या टीवी बहुत देर तक चलता है, तो वह गर्म हो जाता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बिजली की कुछ ऊर्जा ‘गर्मी’ (ऊष्मा) में बदल जाती है। इसी तापीय प्रभाव का उपयोग करके हमारे घरों में प्रेस (विद्युत इस्तरी), पानी गर्म करने का हीटर और ब्रेड टोस्टर बनाए जाते हैं।
अब खेलें: विद्युत का प्रारंभिक क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के इस ग्यारहवें अध्याय के परिचय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी प्रारंभिक जानकारी की जाँच करें!
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