नमस्कार विद्यार्थियों! विज्ञान की इस नई और अद्भुत यात्रा में आपका स्वागत है। जब हम साइकिल चलाते हैं या दौड़ते हैं, तो हमारी ऊर्जा (ताकत) खर्च होती है। यहाँ तक कि जब हम चुपचाप सो रहे होते हैं, तब भी हमारे शरीर के अंदर दिल धड़कने और अंगों की मरम्मत का काम चलता रहता है। इस काम के लिए हमें लगातार ऊर्जा की आवश्यकता होती है!
यह ऊर्जा हमें कहाँ से मिलती है? यह ऊर्जा हमें ‘भोजन’ से प्राप्त होती है। आज हम जानेंगे कि सजीवों में भोजन ग्रहण करने (पोषण) के कितने तरीके होते हैं और हरे पेड़-पौधे बिना कुछ खाए-पिए अपना भोजन खुद कैसे तैयार कर लेते हैं।
पोषण क्या है और यह कितने प्रकार का होता है?
शरीर की वृद्धि, विकास और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए बाहर से भोजन को शरीर के अंदर लेने और उसका उपयोग करने की प्रक्रिया को ‘पोषण’ (Nutrition) कहते हैं । भोजन प्राप्त करने के तरीके के आधार पर जीवों को दो मुख्य भागों में बाँटा गया है:
1. स्वपोषी पोषण
वे जीव जो अपना भोजन बाहर के अकार्बनिक स्रोतों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और पानी) की मदद से स्वयं बनाते हैं, उन्हें ‘स्वपोषी’ कहते हैं । सभी हरे पेड़-पौधे और कुछ जीवाणु इसी श्रेणी में आते हैं।
2. विषमपोषी पोषण
वे जीव जो अपना भोजन खुद नहीं बना सकते और प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हरे पौधों या अन्य जानवरों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें ‘विषमपोषी’ कहते हैं । हम इंसान, जानवर, कवक (Fungi) और अमीबा इसी श्रेणी में आते हैं।
हरे पौधों की रसोई: प्रकाश संश्लेषण
क्या आपने कभी किसी पेड़ को खाना खाते देखा है? नहीं न! क्योंकि पौधे अपना खाना खुद अपनी पत्तियों के अंदर पकाते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहते हैं
इस प्रक्रिया में पौधे बाहर से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जड़ों से पानी (H2O) लेते हैं। फिर सूर्य के प्रकाश (धूप) और पत्तियों में मौजूद हरे रंग के ‘क्लोरोफिल’ की मदद से वे इसे कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज़) में बदल देते हैं, जो उनका भोजन होता है ।
रासायनिक समीकरण:
6CO2 + 12H2O + सूर्य का प्रकाश + क्लोरोफिल → C6H12O6 (ग्लूकोज़) + 6O2 + 6H2O
प्रकाश संश्लेषण के तीन मुख्य चरण
जब पौधे खाना बना रहे होते हैं, तो पत्तियों के अंदर मुख्य रूप से तीन घटनाएँ होती हैं:
- रोशनी सोखना: क्लोरोफिल द्वारा सूर्य के प्रकाश (प्रकाश ऊर्जा) को सोख लिया जाता है।
- पानी का टूटना: प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदला जाता है और पानी (H2O) टूटकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस में बँट जाता है।
- ग्लूकोज़ बनना: कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज़) में अपचयन हो जाता है, जिससे पौधे को भोजन मिलता है।
(जो कार्बोहाइड्रेट पौधे तुरंत इस्तेमाल नहीं करते, वे उसे ‘मंड’ (Starch) के रूप में भविष्य के लिए जमा कर लेते हैं )
रंध्र (Stomata) और गैसों का आदान-प्रदान
पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड कहाँ से लेते हैं? पत्तियों की सतह पर बहुत ही छोटे-छोटे छेद होते हैं, जिन्हें रंध्र (Stomata) कहा जाता है [cite: 1]। इन्हीं छेदों से हवा अंदर और बाहर जाती है।
इन छेदों को खोलने और बंद करने का काम द्वार कोशिकाओं (Guard Cells) का होता है। जब द्वार कोशिकाओं के अंदर पानी भर जाता है, तो वे फूल जाती हैं और छेद खुल जाता है। जब वे सिकुड़ती हैं, तो रंध्र का छेद बंद हो जाता है । इससे पौधे जरूरत से ज्यादा पानी उड़ने से भी बच जाते हैं।
अब खेलें: पोषण और प्रकाश संश्लेषण क्विज़
यूपी बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान के इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित मजेदार क्विज़ को खेलें और अपनी तैयारी को पक्का करें!
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अध्याय 5 के अन्य महत्वपूर्ण भाग:
- You are Reading Here: पोषण के प्रकार और पौधों में स्वपोषी पोषण
- भाग 2: जंतुओं और मनुष्यों में पोषण (मानव पाचन तंत्र)
- भाग 3: श्वसन तंत्र और ग्लूकोज़ का विखंडन
- भाग 4: मानव में वहन (परिवहन तंत्र, हृदय और रुधिर)
- भाग 5: पादपों में परिवहन (जाइलम और फ्लोएम के कार्य)
- भाग 6: उत्सर्जन तंत्र, वृक्काणु (नेफ्रॉन) और कृत्रिम वृक्क